नैनीताल प्राधिकरण से एक पार्किंग ठेके पर लेकर एक संस्था ने ठगा टैक्सी मालिकों को..संस्था में प्रतिनिधित्व न दिए जाने पर भड़के सैकड़ों टैक्सी मालिक…

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नैनीताल में”तल्लीताल टैक्सी मालिक समिति ” धन तो अनेकों टैक्सी मालिकों से वसूलती है लेकिन प्रतिनिधित्व कुछ चुने हुए लोगों को ही देती है..सैकड़ों टैक्सी मालिकों ने इस चुनावी प्रक्रिया में जताया रोष…

सरोवर नगरी नैनीताल में कुछ टैक्सी मालिकों ने एक संस्था “तल्लीताल टैक्सी मालिक समिति ” बनाकर वर्ष 2001 में नैनीताल झील विकास प्राधिकरण से एक पार्किंग ठेके पर ले ली थी।जिस पर मात्र 30-35 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है।इसीलिए मात्र 30 लोगों द्वारा संस्था बनाकर संचालित की जा रही इस पार्किंग में झील नगरी के अनेकों टैक्सी मालिकों को केवल आंदोलनों में धन वसूलकर शामिल किया जाता रहा।जिनकी गिनती सैकड़ों में थी।लेकिन तीन वर्षों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद जब भी इस संस्था के चुनाव हुए तो वो इन्ही तीस लोगों के मध्य से चुने जाते रहे।इसलिए पूर्ण समर्थन देने के बाद भी नैनीताल के किसी भी अन्य टैक्सी मालिक को इसमें शामिल नही किया गया।जिससे सैकड़ों की संख्या में टैक्सी मालिकों ने संस्था की चुनावी प्रक्रिया का खुला बहिष्कार कर दिया है।

टैक्सी मालिकों ने कहा कि अब तक हम ठगे गए..अब बनाएंगे नई यूनियन…

स्टार ख़बर ने जब “तल्लीताल टैक्सी मालिक समिति ” के सचिव ललित जोशी से उक्त संदर्भ में बात की तो उन्होंने बताया कि संस्था की अपनी मजबूरी है क्योंकि यहाँ पार्किंग के लिए केवल सीमित स्थान है।इसीलिए किसी अन्य टैक्सी मालिकों को इसमें स्थान नही दिया गया।उन्होंने कहा कि हल्द्वानी,काठगोदाम से नैनीताल आने वाली सभी टैक्सियों से नंबर लगाने का सुविधा शुल्क ₹50/प्रति वाहन लिया जाता है।लेकिन किसी भी अन्य टैक्सी मालिकों को इस संस्था में शामिल करने की कोई अनुमति नही है।उन्होंने बताया कि नई कार्यकारिणी की घोषणा कल सुबह तक कर दी जाएगी।
लंबे समय से धरने,प्रदर्शनों व आंदोलनों में शामिल रहे शानू साह,धीरज कोरंगा,त्रिलोक कोरंगा,आशीष साह, दीपक डालाकोटी,सोनू कुमार,दयाल चंद,गोलू,तारा सिंह ,ऋषभ,कमल कुमार आदि अनेकों टैक्सी मालिकों ने अपनी व्यथा “स्टार खबर” से साँझा कर बताया कि हम सभी लंबे समय से “तल्लीताल टैक्सी मालिक समिति ” से जुड़े रहे लेकिन आज तक हमें अपने फायदों के लिए इस्तेमाल तो किया गया पर संस्था में प्रतिनिधित्व नही दिया गया।अब ये सभी टैक्सी मालिक अपनी नई यूनियन बनाने के लिए शीघ्र ही बैठक करेंगे।टैक्सी मालिक सानू साह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन को केवल रकम से मतलब होता है।पार्किंग संस्था को देकर यह नही देखा जाता कि इसमें जनहित समाहित हो रहा है या कारोबार किया जा रहा है…