Uksssc परीक्षा घोटाले में हाकम मूसा सब अंदर….क्या बागड़बिल्ले हाई कोर्ट के आदेश के बाद आएंगे पकड़ में….कांग्रेस मांग रही है सीबीआई जांच बीजेपी क्यों नहीं चाहती है सीबीआई से जांच

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उत्तराखण्ड – उत्तराखण्ड अधीनस्त सेवा चयन आयोग यानि uksssc भर्ती घोटाले में अब बड़े सफेदपोश पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। अब तक 41 आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है तो कई लोगों की छापेमारी जारी है। हांलाकि इस मामले में मा1 मास्टरमाइंड़ 2 लाख के इनामी मूसा और 1 लाख के इनामी योगेश्वर राव को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों को एसटीएफ उत्तराखण्ड सुपुर्द कर दिया गया है।

इस परीक्षा में डेढ लाख ने दी थी परीक्षा…

दरअसल आयोग ने बीते साल 4-5 दिसंबर को स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा आयोजित की इस परीक्षा में राज्य भर के 1 लाख 60 हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा परीणाम शामिल होने के बाद इस परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आया था और आयोग द्वारा रायपुर थाने में केस दर्ज करने के बाद एसटीएफ जांच शुरु की गई है। पिछले दिनों एसटीएफ ने कड़ियां जोड़ीं तो भाजपा के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह समेत 41 को जेल भेज दिया है। अब परीक्षा का मुख्य सरगना सादिक मूसा निवासी अब्दुल्लापुर, अकबरपुर आंबेडकर नगर और उसका साथी योगेश्वर राव निवासी सहाबुद्दीनपुर, भड़सर, बिरनो गाजीपुर हाल निवासी इंदिरानगर लखनऊ फरार थे। दोनों के लखनऊ के आसपास होने पर यूपी एसटीएफ सक्रिय हुई। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के पॉलिटेक्निक चौराहे से दोनों को गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया। दोनों वहां किसी से मिलने के लिए पहुंचे थे। सूचना मिलते ही उत्तराखंड एसटीएफ की टीम वहां पहुंची। टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

अभ्यर्थी से 8 से 12 लाख लेने की खबरें….

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपितों ने बताया कि लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र इंजीनियरिंग कालेज चौराहा स्थित आरएमएस टेक्नो सल्यूशन कंपनी छाप रही थी। इसकी जानकारी उन्हें कंपनी के कर्मचारी काशान शेख ने दी। उसने बताया था कि परीक्षा चार-पांच मई 2021 को होगी, जिसका पेपर वो उपलब्ध करा देगा। इसके लिए उसने प्रत्येक अभ्यर्थी से आठ लाख रुपये की मांग की। आरोपितों ने कुछ पैंसा देकर सौदा कर लिया। वही परीक्षा में शामिल एक आरोपी जो एसटीएफ से बचने का प्रयास कर रहा है और अग्रिम जमानत के लिये हाईकोर्ट पहुंचा तो उसने नाम ना छापने की सर्त पर कहा कि 8 से 12 लाख तक का सौदा हुआ था लेकिन मामला खुलने का बाद अब वो परेशान हैं सब कुछ लुटा कर अब ना नौकरी झंझट तमाम अलग

कोर्ट भी सख्त बड़े आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर…

राज्य में मामला तूड़ पकड़ा तो हाईकोर्ट ने भी याचिका पर सरकार से जवाब मांगा है हांलाकि इस मामले में उपनेता सदन भुवन कापड़ी की याचिका में सीबीआई जांच की मांग है कोर्ट से भुवन कापड़ी से पूछा है कि क्यो सीबीआई जांच चाहते हैं। भुवन कापड़ी ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं और जो फोटो पिछले दिनों सोशलमीडिया पर हाकम के साथ जारी हुए है क्या एसटीएफ इनकी जांच कर सकती है क्योकि मामला दो राज्य में है तो इस मामले में सीबीआई जांच की जानी चाहिये। याचिका में कहा गया है कि जिन लोगो पर आरोप हैं उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। हालांकि सरकार ने कोर्ट में कहा कि याचिका खारिज करने योग्य है सिर्फ राजनैतिक कारणों के चलते की गई है ।

नव वर्ष 2023 की शुभ कामनाएँ।