पिथौरागढ़। आज़ादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के कई गांव आज तक मोटर मार्ग की सुविधा से वंचित हैं। ढीलम कुलथम, साई पोलू, बाता, रोपाड़, गांधीनगर, चमरार, आलम, घाघंली, सिन्नर, पांयाती और लेंगा गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सड़क सुविधा के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों को बीमार व्यक्तियों को उपचार के लिए मुख्य मार्ग तक डोली के सहारे पहुंचाना पड़ता है। खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री आज भी लोग पीठ पर ढोकर या घोड़े-खच्चरों के माध्यम से गांव तक पहुंचाते हैं। कई गांवों में तो घोड़े-खच्चरों के आने-जाने लायक रास्ता भी उपलब्ध नहीं है, जिससे समस्या और विकट हो जाती है।
इन गंभीर समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा” कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत मदकोट में आयोजित शिविर में अपर जिला अधिकारी योगेंद्र सिंह के समक्ष मामला उठाया। उन्होंने मांग की कि सभी गांवों को शीघ्र मोटर मार्ग से जोड़ा जाए तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों से समन्वय कर जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई है, ताकि दशकों पुरानी इस समस्या से उन्हें राहत मिल सके।





