पिथौरागढ़। मुनस्यारी क्षेत्रीय समस्याओं के लंबे समय से समाधान न होने पर मंगलवार को तहसील मुख्यालय मुनस्यारी के शास्त्री चौक में जिला पंचायत सदस्य भावना दानू एवं गग्रमीणों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आंदोलनकारियों ने क्षेत्र की सड़क, संचार, विद्युत, आपदा पुनर्वास, शिक्षा और पेयजल जैसी समस्याओं के समाधान के लिए 50 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया।
मुख्य मांगों में आपदा प्रभावित परिवारों को मुआवजा एवं विस्थापन, विभिन्न गांवों को मोटर मार्ग से जोड़ना, खराब पड़े मोबाइल टावरों को सुचारू करना, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को बदलना, सड़कों का डामरीकरण, किसानों को भूमि मुआवजा, विद्यालयों में क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत तथा दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल और विद्युत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई गांवों में दैवीय आपदा के बाद वर्षों बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों को न तो समुचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। साथ ही संचार सेवाओं की बदहाली, जर्जर सड़कें और प्रशासनिक उपेक्षा क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर संकट बनी हुई हैं।
धरने में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विक्रम दानू, क्वीरिजिमिया सरपंच किशोर बुर्फाल, साईपोलू ग्राम प्रधान गोविंद राम, पूर्व सरपंच देवेंद्र नित्तवाल सहित अनेक ग्रामीण नेताओं को माल्यार्पण कर समर्थन दिया गया।
इस दौरान जल्थ ग्राम प्रधान प्रहलाद रावत, ग्राम प्रधान धापा रबीना, पांगती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोहर टोलिया, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दान सिंह, सुंदर जौहरी समेत कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।







