अमेरिका से कैंची धाम पहुंचे मैक्स बोले… महाराज जी की कृपा से मिला जीवन का नया मार्ग… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

90

नैनीताल। श्री नीम करौली बाबा के 62वें स्थापना दिवस समारोह में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच रहे हैं। इन्हीं श्रद्धालुओं में अमेरिका से पहली बार कैंची धाम आए मैक्स भी शामिल हैं, जिन्होंने बाबा नीम करौली महाराज के प्रति अपनी आस्था और अनुभव साझा किए।
मैक्स ने बताया कि वर्ष 2020 में उनके मन में आध्यात्मिक जीवन को लेकर कई प्रश्न थे, जिनके उत्तर उन्हें नहीं मिल रहे थे। इसी दौरान एक मित्र ने उन्हें रामदास के प्रवचनों से परिचित कराया। रामदास के माध्यम से ही उन्होंने पहली बार नीम करौली बाबा के बारे में जाना और उनकी शिक्षाओं से प्रभावित हुए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में वह अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित ताओस आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने दो वर्षों तक सेवा कार्य किया। इस दौरान उन्होंने बाबा से जुड़ी कई पुस्तकों का अध्ययन किया और उनके जीवन व संदेश को गहराई से समझा। मैक्स के अनुसार, आश्रम में बिताए समय के बाद उन्होंने अपना जीवन महाराज जी की सेवा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया।
कैंची धाम में अपने पहले अनुभव को साझा करते हुए मैक्स ने कहा कि यहां पहुंचते ही उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे स्वयं बाबा उनका अपने घर में स्वागत कर रहे हों। उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के प्रति स्थानीय लोगों के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि सभी लोग बेहद सहयोगी और आत्मीय हैं।

पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मैक्स ने कहा कि भले ही उनका किसी अधिकारी से प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने देखा कि सभी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “15 जून के आयोजन को सफल बनाने के लिए सेवा में जुटे सभी लोगों का मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं। इतनी बड़ी भीड़ को संभालना आसान नहीं है। हमारी सुरक्षा और सुविधा के लिए जो लोग दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, मैं उनके प्रति बहुत आभारी हूं।”
स्थापना दिवस समारोह में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा एक बार फिर यह दर्शाती है कि बाबा नीम करौली महाराज का प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश आज भी विश्वभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।