अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह गुरुवार को अल्मोड़ा परिसर के विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रथम दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत और कुलगीत के साथ उत्तराखंड की परंपरानुसार शंख ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ हुआ।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां एवं पदक प्रदान किए गए। राज्यपाल ने 15 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। विभिन्न विषयों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा पांच विद्यार्थियों को प्रायोजित स्मृति स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न विषयों के 48 शोधार्थियों को पी.एचडी.उपाधि प्रदान की गई।
अपने संबोधन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहने का आह्वान किया। उन्होंने ‘लोकल टू ग्लोबल’ सोच विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, मूल्य और अनुभव जीवन में सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सूचना प्रौद्योगिकी को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए युवाओं से इन क्षेत्रों में दक्षता विकसित करने का आह्वान किया।उन्होंने विश्वविद्यालय को लेकर कहा कि इस विश्वविद्यालय को संरचनात्मक रूप से बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में अधिकारियों के साथ मिलकर इस विश्वविद्यालय को बेहतर बनाएंगे। इस दौरान उन्होंने सभागार के नाम को स्वामी विवेकानंद के नाम से रखे जाने पर प्रशंसा व्यक्त की, साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित किए गए स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र हैप्पीनेस लैब, हरेला पीठ और लक्ष्मी देवी टम्टा शोध एवं महिला अध्ययन केंद्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि की नारी शक्ति ने जो यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है वह इस विश्वविद्यालय के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों और बालिकाओं में जो जो कॉन्फिडेंस दिखाई दिया है उसको देखकर लगता है कि हम विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आप बड़े सपने देखें। उन्होंने यह भी कहा कि खुली आंखों से सपने देखे, बंद आंखों से नहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य को करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विश्वविद्यालय में स्थापित विभिन्न नवाचार एवं शोध केंद्रों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कुलपति प्रोफेसर सतपाल बिष्ट के दिशा निर्देशन में यह विश्वविद्यालय बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन पर बधाई दी।
कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विस्तार योजनाओं, शोध गतिविधियों और शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘विधि सहयोगी ऐप’ तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. ललित चंद्र जोशी की पुस्तक ‘पत्रकारिता : संभावनाएं, भविष्य एवं चुनौतियां’ का विमोचन भी किया।
समारोह में विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट सहित संकायाध्यक्ष तथा अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एस.ए. हामिद ने किया और कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने आभार व्यक्त किया।







