विपिन त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, बोले—अभी नहीं बना सपनों का उत्तराखंड.. रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

10

नैनीताल। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व विधायक स्वर्गीय विपिन त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर रविवार को नैनीताल क्लब में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि विपिन त्रिपाठी ने उत्तराखंड राज्य की दिशा और दशा बदलने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के पुरोधा विपिन त्रिपाठी ने जिस राज्य का सपना देखा था, वह अभी साकार नहीं हो पाया है। आज प्रदेश पलायन, बेरोजगारी, चिकित्सा, शिक्षा और आपदा जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि विपिन त्रिपाठी क्रांतिकारी विचारों वाले जुझारू नेता थे। उनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।वरिष्ठ सदस्य अंबादत्त बवाड़ी ने लोगों से एकजुट होकर विपिन त्रिपाठी के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। कर्मचारी नेता कंचन चंदोला ने कहा कि प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए बड़े आंदोलन की आवश्यकता है। भीमताल से पहुंचे हरीश अधिकारी ने कहा कि आज जनमानस विभिन्न समस्याओं से त्रस्त है।पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज बिष्ट ने जनकवि गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ के जनगीत प्रस्तुत कर बदलाव का आह्वान किया। छात्र नेता चेतन नेगी ने कहा कि युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। रमेश चंद्र कांडपाल ने कहा कि प्रदेशवासियों को जल, जंगल और जमीन पर उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। राज्य की संपत्तियां निजी हाथों में सौंपे जाने का भी उन्होंने विरोध किया। वक्ताओं ने स्थानीय समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष लीलाधर फुलेरा ने कहा कि विपिन त्रिपाठी ने उत्तराखंड के विकास और जनहित के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने द्वाराहाट में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी जनसभा के बाद भाजपा की ओर से किए गए कथित ‘शुद्धीकरण’ की भी निंदा की गई। वक्ताओं ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने इसे जायज ठहराया, जो निंदनीय है।
अंत में नेपाल में हुई त्रासदी में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।