नैनी झील में जमा मलबा वैज्ञानिक तरीके से हटेगा, किनारों पर बढ़ेगा पहरा.. भूस्खलन के मलबे और सिल्ट से बढ़ा जमाव; जेसीबी झील के भीतर नहीं उतरेगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी.. रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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नैनीताल। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नैनी झील में पहुंची सिल्ट और मलबे की मात्रा बढ़ गई है। शहर के नालों के जरिये बहकर पहुंचे मलबे के झील में जगह-जगह जमाव के बाद सिंचाई विभाग और प्रशासन ने इसे हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार झील की पारिस्थितिकी और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए मलबे को वैज्ञानिक तरीके से हटाया जाएगा। इसके लिए भूगर्भीय विशेषज्ञों के साथ पुराने सर्वे और वर्तमान स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने बताया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जहां भी भूस्खलन हुआ है, उसका मलबा बहकर नालों के माध्यम से झील में पहुंचा है। अलमा कॉटेज क्षेत्र में सात नंबर पर हुई भूस्खलन की घटना का उपचार पहले ही किया जा चुका है। वहां से अब नया मलबा नहीं आ रहा है, लेकिन पूर्व में आया मलबा बारिश के दौरान नालों के माध्यम से झील तक पहुंचा है।उन्होंने बताया कि झील के आसपास और नालों में मलबे का काफी अधिक डिपोजिशन हुआ है। नालों की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। वहीं झील के अंदर जमा मलबे को हटाने से पहले भूगर्भीय विशेषज्ञों के साथ विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। वर्ष 1985 की रिपोर्ट और वर्ष 2018 में हुए सर्वे के आधार पर उस समय की स्थिति और वर्तमान डिपोजिशन की तुलना की जाएगी। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से मलबा हटाने का निर्णय लिया जाएगा।

डीके सिंह ने स्पष्ट किया कि मलबा हटाने के लिए जेसीबी या पोकलैंड मशीन को झील के अंदर उतारने की योजना नहीं है। किनारे पर जमा आरबीएम, डेब्रिज और सिल्ट को मशीन की मदद से किनारे पर ही उतारा जाएगा। झील की प्राकृतिक संरचना और स्थिरता को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने की तैयारी कल या परसों से शुरू की जा सकती है।

नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि पिछले दो दिनों से शहर में मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके चलते झील में आने वाले नालों में सिल्ट की मात्रा काफी बढ़ गई है। डीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग और संबंधित भूगर्भीय वैज्ञानिकों के साथ मौके का निरीक्षण कर मलबे के निस्तारण की योजना तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि मलबे को नियमानुसार जल्द हटाया जाएगा, ताकि झील का इकोलॉजिकल बैलेंस बना रहे और मलबे के कारण झील के किनारों की स्थिति प्रभावित न हो।

एसडीएम ने बताया कि डीएम के स्तर से सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शहर में चल रहे विभागीय कार्यों के दौरान किसी भी तरह का मलबा झील में पहुंचा तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्राधिकरण से स्वीकृत कार्यों और अन्य निर्माण कार्यों की भी निगरानी की जाएगी।
झील में मलबा पहुंचने से रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। इसके साथ ही नगर पालिका, प्राधिकरण और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों की टीमें समय-समय पर निरीक्षण करेंगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि झील में जमा मलबे को जल्द हटाने के साथ भविष्य में बारिश के दौरान नालों और निर्माण स्थलों से मलबा झील तक न पहुंचे, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।