नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पानी से बीमारी फैलने और दो लोगों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को उत्तराखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने डीएम नैनीताल, सीएमओ और जल संस्थान के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हाई कोर्ट में पेश होकर स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने डीएम नैनीताल को ग्रामीणों को तत्काल साफ एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आठ सितंबर को होगी।
बेलुवाखान निवासी अधिवक्ता रवि बिष्ट ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि नैनीताल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी पीने से बीमारी फैल रही है। बीमारी के उपचार के दौरान दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
याचिका में कोर्ट से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही बीमार लोगों को समुचित उपचार की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दूषित पानी से प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल राहत दिलाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।





