नैनीताल। ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारी का प्रकोप अभी थमा नहीं है। मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों से 15 से अधिक मरीज उपचार के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे। इनमें तीन मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। लगातार नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बनी हुई है।
ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल को लेकर पिछले करीब दो माह से शिकायतें सामने आ रही हैं। इस दौरान बीमारी की चपेट में आने से एक महिला और एक छात्र की मृत्यु भी हो चुकी है। दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ने पर प्रशासन ने क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच और पेयजल की निगरानी बढ़ाई है।
मंगलवार को ज्योलीकोट के अलावा बेलुवाखान, वीरभट्टी, गेठिया और गांजा क्षेत्र से मरीज अस्पताल पहुंचे। बीडी पांडे अस्पताल की वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएस दुग्ताल के अनुसार, सोमवार को क्षेत्र के 11 मरीज अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार को तीन और मरीजों को भर्ती किया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, दूषित पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान और संक्रमण के स्रोत की पहचान को लेकर भी जांच की जा रही है।



