ज्योलीकोट में 380 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच, सचल वाहन से मिलेगी घर के पास चिकित्सा सुविधा.. रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल…

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नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण तेज कर दिया है। गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में कुल 380 लोगों की जांच की गई। वहीं ज्योलीकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम ने 105 लोगों का परीक्षण कर 72 रक्त नमूने लिए। पानी के सात नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं।
स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को आवश्यक दवाएं, ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराईं। साथ ही दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए। गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलीकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में भी स्वास्थ्य शिविर लगाए गए।

●सचल चिकित्सा वाहन तैनात…

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर सचल चिकित्सा वाहन तैनात किया गया है। वाहन के माध्यम से लोगों को घर के नजदीक जांच, दवा और चिकित्सकीय परामर्श मिल सकेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में ओपीडी पर्ची भी निश्शुल्क कर दी गई है।
गुरुवार को नीलकंठ अस्पताल की डॉ. मेघा रखोलिया और डॉ. सलीम ने पीएचसी ज्योलीकोट में मरीजों की जांच की। शुक्रवार को बृजलाल अस्पताल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी और साईं अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती ओपीडी में सेवाएं देंगे।
सीएमओ ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान परेशानी होने पर सीधे सीएमओ कार्यालय से संपर्क करने की अपील की।
उन्होंने लोगों से पानी उबालकर पीने, स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा स्वास्थ्य टीम से संपर्क करने को कहा।