फायर एक्सटिंग्विशर बेकार, हाइड्रेंट भी नहीं; वन विभाग के दफ्तर में धधकते रहे अभिलेख.. नैनीताल डिवीजन कार्यालय में आग से मचा हड़कंप… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। नैनीताल चिड़ियाघर के समीप स्थित वन विभाग के नैनीताल डिवीजन कार्यालय में गुरुवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कार्यालय में रखे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति ने विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। मौके पर फायर एक्सटिंग्विशर काम नहीं करने की स्थिति में मिले, जबकि कार्यालय में हाइड्रेंट की व्यवस्था भी नहीं थी। ऊंचाई पर स्थित कार्यालय में आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों को पानी की कमी से जूझना पड़ा। आग अभिलेख कक्ष के हिस्से में लगी, जिससे कई शाखाओं के दस्तावेज और सामान जल गए।

सुबह करीब 8:30 बजे सफाई कर्मचारी सुरजीत सिंह कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने ग्राउंड फ्लोर वाले कमरे की ओर से धुआं निकलता देखा और तत्काल विभागीय कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति को देखते हुए दमकल विभाग को सूचना दी गई। करीब 9:40 बजे फायर स्टेशन नैनीताल से दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों और वन विभाग कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पाया गया।

●फायर एक्सटिंग्विशर ने ऐन वक्त पर दिया धोखा..

फायर स्टेशन प्रभारी आईसी जयप्रकाश आर्य के अनुसार मौके पर निरीक्षण के दौरान कार्यालय में रखे फायर एक्सटिंग्विशर काम नहीं करने की स्थिति में मिले। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही अग्निशमन उपकरण उपयोगी नहीं थे तो कार्यालय में आग से बचाव की तैयारी कितनी प्रभावी थी।

कार्यालय में हाइड्रेंट नहीं होने के कारण भी दमकल कर्मियों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।

●अभिलेख कक्ष में लगी थी आग..

दमकल विभाग के अनुसार आग कार्यालय के उस हिस्से में लगी थी, जहां अभिलेख रखे हुए थे। आग से जले दस्तावेज और अलमारियों को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।प्रभागीय वन अधिकारी आकाश गंगवार ने बताया कि आग से कुछ शाखाओं के दस्तावेज जले हैं। आग पूरी तरह शांत होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले पांच से सात वर्षों के अधिकांश दस्तावेज ऑनलाइन शिफ्ट किए जा चुके हैं, इसलिए उनकी प्रतियां उपलब्ध होने की संभावना है। पुराने अभिलेखों की प्रतियां अन्य कार्यालयों में होने पर उन्हें दोबारा जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

●रात में चौकीदार होता तो शायद बच जाता नुकसान..

कार्यालय में रात्रि चौकीदार की व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल यह भी है कि यदि रात के समय आग भड़की होगी तो उसकी जानकारी सुबह तक क्यों नहीं हो सकी। समय रहते आग का पता चल जाता तो अभिलेखों और कार्यालयी सामान को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता था।

●अभिलेख जलने से कर्मचारी भी हुए भावुक..

आग से कार्यालय के अभिलेख और सामान को नुकसान पहुंचने के बाद सर्वेयर पद पर तैनात महिला कर्मचारी नीलम कोहली भावुक हो गईं। प्रभावित कक्ष और जले हुए अभिलेखों को देखकर वह काफी परेशान नजर आईं।

आग से कार्यालय के कई हिस्सों में दस्तावेज और सामान अस्त-व्यस्त हो गए।दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद कार्यालय के भीतर दोबारा आग भड़कने की संभावना को भी जांचा। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। यदि शॉर्ट सर्किट की पुष्टि होती है तो कार्यालय की विद्युत व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।