पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही के लिए कर्मचारियों को किया जागरूक.. वित्तीय नियमों से लेकर साइबर सुरक्षा तक दी गई जानकारी… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय सतर्कता जागरूकता कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 एवं निवारक सतर्कता अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को वित्तीय नियमों, सरकारी खरीद प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा और सेवा आचरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का शुभारंभ दो नवंबर को कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कार्यदक्षता बढ़ाने के साथ प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय-समय पर नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि कार्यों का निष्पादन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो सके।
कार्यशाला के पहले दिन वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2025 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। सहायक कुलसचिव राकेश कुमार विश्वकर्मा ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल की कार्यप्रणाली और सरकारी खरीद में उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई।
दूसरे दिन उत्तराखंड पुलिस साइबर सेल के प्रतिनिधि संदीप सिंह कुँवर ने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कर्मचारियों को इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।अंतिम दिन आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी की उप निदेशक एवं पीसीएस अधिकारी पूनम पन्त ने आचरण नियमावली-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय सेवकों के आचरण, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और सेवाकाल के दौरान नियमों के पालन की महत्ता बताई।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने कहा कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों के व्यावसायिक कौशल, प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने भविष्य में भी विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और परिसरों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कार्यशाला में विशेषज्ञों की ओर से दी गई जानकारी को विश्वविद्यालय की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उपयोगी बताया।
कार्यशाला में अभिराम पन्त, पूरन पाठक, नीरज साह, रमेश जोशी, दीपक बिष्ट, लीलाधर आर्या, कुलदीप सिंह, गणेश सिंह, भूपाल करायत, अमित आर्य, कैलाश जोशी और लोकेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहित सनवाल ने किया।