दो दशकों से लंबित भीमताल फायर स्टेशन की माँग, आज भी आग के भरोसे पर्यटन द्वार… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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दो दशकों से लंबित भीमताल फायर स्टेशन की माँग, आज भी आग के भरोसे पर्यटन द्वार…

रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

भीमताल। कुमाऊँ के पर्यटन द्वार के रूप में पहचाने जाने वाले भीमताल में आज तक फायर स्टेशन का न होना प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करता है। क्षेत्रवासी बीते दो दशकों से लगातार फायर स्टेशन की स्थापना की माँग कर रहे हैं, लेकिन अब तक यह माँग फाइलों और आश्वासनों में ही सिमटी हुई है।

सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि भीमताल नगर और इसके आसपास दर्जनों पर्यटन स्थल, होटल, कॉलेज, नर्सिंग भू-भाग से घिरे जंगल, विकास भवन सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई स्थानीय व्यवस्था मौजूद नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में आग लगने की स्थिति में प्रशासन को 22 किमी दूर नैनीताल या 30 किमी दूर हल्द्वानी के फायर स्टेशन पर निर्भर रहना पड़ता है। इस देरी के कारण जब तक दमकल पहुँचती है, तब तक बहुमूल्य संपत्ति जलकर खाक हो जाती है।उन्होंने बताया भीमताल की आबादी लगातार बढ़ रही है और पर्यटन गतिविधियाँ भी तेज़ी से बढ़ी हैं, इसके बावजूद आज तक यहाँ फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो सकी। पूर्व में कई बार स्थानीय स्तर से लेकर शासन स्तर तक प्रशासन को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

उन्होंने उत्तराखंड शासन-प्रशासन से शीघ्र भूमि चयन कर भीमताल में फायर स्टेशन खोलने की माँग दोहराते हुए कहा कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी बड़ी घटना की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।