★. उत्तराखंड की शान बनी बेबी मेहर कौर, 25 सवालों के सही जवाब से रचा कीर्तिमान 1 वर्ष 7 माह की बेबी मेहर कौर ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, हल्द्वानी को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”  हल्द्वानी, उत्तराखंड।

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★. उत्तराखंड की शान बनी बेबी मेहर कौर, 25 सवालों के सही जवाब से रचा कीर्तिमान

★. 1 वर्ष 7 माह की बेबी मेहर कौर ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, हल्द्वानी को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

हल्द्वानी, उत्तराखंड।

शहर और प्रदेश के लिए गर्व का क्षण तब आया जब हल्द्वानी की नन्ही प्रतिभा बेबी मेहर कौर का नाम अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्था World Book of Records में दर्ज किया गया। मात्र 1 वर्ष 7 माह की आयु में बेबी मेहर कौर ने 25 सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) प्रश्नों के सही उत्तर देकर असाधारण स्मरण शक्ति और बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि न केवल दुर्लभ है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसे अभूतपूर्व माना जा रहा है। उपलब्ध रिकॉर्ड्स के अनुसार, इतनी कम आयु में इस तरह की उपलब्धि का कोई पूर्व उदाहरण दर्ज नहीं है, जिससे मेहर कौर को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है।

बेबी मेहर कौर, डॉ. हरलीन कौर और डॉ. गुर्रौनक सिंह की सुपुत्री हैं। माता-पिता के अनुसार, मेहर ने बहुत छोटी उम्र से ही तेज़ अवलोकन क्षमता और शीघ्र सीखने की प्रवृत्ति दिखानी शुरू कर दी थी। परिवार में सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल ने उसकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर Santosh Shukla, सीईओ, World Book of Records, ने बेबी मेहर कौर को बधाई देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिलने पर बच्चों की संभावनाएँ असीमित होती हैं।

ब्रिटेन की लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पाँच बार सांसद रह चुके Virendra Sharma ने भी मेहर कौर को शुभकामनाएँ दीं और इसे भारत सहित वैश्विक समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया। वहीं ज्यूरिख, स्विट्ज़रलैंड स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संरक्षक Wilhelm Jesler एवं Poonam Jesler ने भी मेहर को आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बेबी मेहर कौर को यह आधिकारिक प्रमाणपत्र 9 फरवरी 2026 को इंदौर में आयोजित “World Book of Records Summit & Awards” समारोह में प्रदान किया गया।

हल्द्वानी सहित पूरे उत्तराखंड में इस उपलब्धि को लेकर हर्ष और उत्साह का माहौल है। नन्ही मेहर की सफलता यह संदेश देती है कि उम्र कभी भी उत्कृष्टता की बाधा नहीं होती। उचित प्रोत्साहन, स्नेह और सकारात्मक वातावरण बच्चों को असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।