कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में बैठकी होली का भव्य आयोजन… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। डीएसबी परिसर में कुलपति इंटर्न्स, छात्र क्लब ‘संक्रांति’ तथा डीएसबी म्यूज़िक सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को पारंपरिक बैठकी होली का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय कर्मियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली गायन उत्तराखण्ड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है, जो सामूहिकता, सौहार्द और लोक परंपराओं की समृद्ध विरासत को जीवंत बनाए रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संगीत होली बैठक भारतीय लोक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी मंच सिद्ध होगी।कार्यक्रम की संकल्पना छात्र क्लब ‘संक्रांति’ के अध्यक्ष प्रो. रीतेश साह द्वारा की गई। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा होली गायन की सांस्कृतिक परंपरा और उसके शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने परंपरागत होली गायन की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। डीएसबी म्यूज़िक सोसाइटी के विद्यार्थियों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा एकल और समूह प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न रागों पर आधारित पारंपरिक होलियों के माध्यम से शास्त्रीयता और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण एनसीसी कैडेट द्वारा प्रस्तुत ‘थारू होली’ रही, जिसे विभाग में पहली बार प्रस्तुत किया गया। इस अनूठी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को तराई क्षेत्र की समृद्ध लोक-संस्कृति से परिचित कराया।संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. रवि जोशी की विशेष अतिथि प्रस्तुति ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक ऊँचाई प्रदान की और दर्शकों से भरपूर सराहना प्राप्त की। इसके अतिरिक्त डीएसबी परिसर के शिक्षकों द्वारा भी परंपरागत होली की सामूहिक प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम में प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. अरविंद अधिकारी, प्रो. नीलू लोधियाल, प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. संजय टम्टा, डॉ. शिवांगी, डॉ. शशि, डॉ. हिमांशु लोहनी, डॉ. भूमिका, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. पूरन अधिकारी, डॉ. दिव्या पांगती, डॉ. भुवन शर्मा, डॉ. दीपक मेलकनी, डॉ. मोहित रौतेला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं विश्वविद्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे।