सरकारी योजना से खिला रोजगार का गुलशन, कमलेश महतोलिया ने फूलों की खेती से बदली तकदीर… धारी के युवा ने 10 नाली से शुरू कर 40 नाली तक बढ़ाया कारोबार, 10 लोगों को मिला रोजगार, प्रतिमाह 2 लाख की आमदनी… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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नैनीताल (धारी)।
जनपद नैनीताल के धारी विकासखंड के पहाड़पानी निवासी कमलेश महतोलिया आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरे हैं। इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने गुजरात में नौकरी की, लेकिन अपने गांव, परिवार और जमीन से लगाव उन्हें वापस पहाड़ ले आया।
गांव लौटने के बाद कमलेश ने पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्होंने उत्तराखंड सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया और उद्यान विभाग के माध्यम से करीब 14 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस सहायता ने उनके सपनों को नई दिशा दी।
सरकारी सहयोग मिलने के बाद कमलेश ने बंजर भूमि को उपजाऊ बनाते हुए आधुनिक खेती की शुरुआत की। शुरुआत में 10 नाली भूमि पर किए गए प्रयास आज 40 नाली में फैली उन्नत फूलों की खेती में बदल चुके हैं। यहां लिलियम के साथ ओरिएंटल और एशियाटिक प्रजातियों के फूलों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनकी मांग नैनीताल समेत अन्य जनपदों में तेजी से बढ़ रही है।
यहीं नहीं, कमलेश ने 30 नाली भूमि पर सेब, कीवी और स्ट्रॉबेरी जैसी नगदी फसलों की खेती कर अपने व्यवसाय को और मजबूती दी है। उनकी इस पहल से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। वर्तमान में उनके उद्यम से 8 से 10 स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार मिल रहा है।
कमलेश महतोलिया आज सभी खर्चों को निकालने के बाद प्रतिमाह लगभग 2 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय राज्य सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व को देते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी सहयोग और मार्गदर्शन के बिना इस स्तर पर व्यवसाय स्थापित करना संभव नहीं था।
सरकारी पहल का असर
राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार और कृषि आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने के प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। उद्यान विभाग की वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कमलेश की सफलता यह साबित करती है कि यदि युवा नवाचार और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो वे न केवल खुद को सशक्त बना सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देकर समाज और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कमलेश अब अपने व्यवसाय के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन व विपणन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।