20 साल से धूल फांक रहे मुकदमों पर गरजे आयुक्त, तहसील में देर तक चली 143 मामलों की पड़ताल”… दीपक रावत का नैनीताल तहसील में औचक निरीक्षण, लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश…. रिपोर्ट- (ब्यूरो ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल।
कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने सोमवार को नैनीताल स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय और निबंधन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान वर्षों से लंबित पड़े राजस्व वादों और अभिलेखों के अव्यवस्थित रखरखाव पर आयुक्त का कड़ा रुख देखने को मिला।
निरीक्षण के दौरान धारा 229-बी के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा में सामने आया कि कई प्रकरण पिछले 15 से 20 वर्षों से लंबित पड़े हैं। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि पुराने मामलों में अनावश्यक लंबी तिथियां देना बंद किया जाए और प्रत्येक सप्ताह सुनवाई कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
वहीं धारा 176 से जुड़े संपत्ति बंटवारे के मामलों की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में उपजिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित पटवारियों ने ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए। इस पर आयुक्त ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान 143 भूमि अकृषक किए जाने से संबंधित लंबित प्रकरणों और उनके निस्तारण की भी समीक्षा की गई। इस दौरान राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल द्वारा मामलों की अद्यतन जानकारी न रखने, पत्रावलियों के खराब रखरखाव और कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने उपजिलाधिकारी नैनीताल को संबंधित कर्मचारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने यह भी पाया कि कई राजस्व निरीक्षक और उप निरीक्षक समय पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सम्मन तामिली पंजिका, इश्तहार पंजिका और अन्य पत्रावलियों का भी अवलोकन किया गया। कार्यों की नियमित समीक्षा न होने और मामलों के लंबित रहने पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को फटकार लगाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के साथ तत्काल बैठक कर 143 से संबंधित लंबित मामलों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। आयुक्त ने यहां तक कहा कि जब तक कार्रवाई पूरी न हो, कार्यालय खुला रहेगा और पूरी अद्यतन रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।
आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जनता को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए समयबद्ध और जवाबदेह कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जानी चाहिए।