हरिद्वार। सरकारी योजना के तहत कृषि यंत्र खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मंगलवार को खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकारी सब्सिडी योजना के तहत आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन से संबंधित फाइल सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव के स्तर से आगे बढ़ाई जानी थी। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर सतर्कता टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
तय योजना के अनुसार मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास पहुंचा। जैसे ही हरिओम यादव ने 10 हजार रुपये स्वीकार किए, सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने के साथ ही मामले से संबंधित साक्ष्य भी जुटाए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिओम यादव पुत्र स्वर्गीय लाल सिंह के रूप में हुई है। उसका मूल निवास प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल बताया गया है। वह वर्तमान में विकासखंड खानपुर में सहायक कृषि अधिकारी के पद पर तैनात था। गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना है।
सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने का मामला सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालांकि आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।







