झरख के पकौड़े खाने से परिवार के नौ लोगों की बिगड़ी तबीयत… जन्मदिन की पार्टी में चाय के साथ परोसे गए थे पकौड़े, जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती (देखें वीडियो) रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल

60

नैनीताल। बिरला रोड स्थित एक परिवार में जन्मदिन की पार्टी के दौरान चाय के साथ परोसे गए जंगली पौधे ‘झरख’ के पत्तों के पकौड़े खाना नौ लोगों को भारी पड़ गया। पकौड़े खाने के कुछ देर बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, बेचैनी, घबराहट और भ्रम जैसी शिकायतें होने पर परिजनों ने सभी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।

करीब 24 घंटे के इलाज और निगरानी के बाद सभी की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

बताया गया कि जन्मदिन की पार्टी में चाय के साथ ‘झरख’ (Phytolacca decandra) के पत्तों से तैयार पकौड़े परोसे गए थे। इन्हें खाने के बाद परिवार के नौ सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे झरख के सेवन से हुई पॉइजनिंग बताया।
बीडी पांडे जिला अस्पताल वरिष्ठ फिजिशियन
डॉ. एमएस दुग्ताल के अनुसार जंगली झरख के पत्तों से बने पकौड़े खाने के कारण सभी को विषाक्तता की समस्या हुई थी।

इस पौधे में मौजूद विषैले तत्व मस्तिष्क और नसों पर असर डाल सकते हैं। इसके कारण उल्टी, बेचैनी, घबराहट और भ्रम जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से सभी लोगों की जान बच गई।कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. ललित तिवारी ने बताया कि झरख के पौधे में सैपोनिन सहित अन्य विषैले रसायन पाए जाते हैं। स्वाद अच्छा होने के कारण कई बार लोग इसकी पत्तियों का सेवन करने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से प्रसंस्कृत किए बिना खाना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से कच्चे अथवा बिना उचित तरीके से उबाले पत्तों का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

 

 

 

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि जंगल या घर के आसपास उगने वाले प्रत्येक हरे पौधे को सब्जी अथवा खाद्य सामग्री न समझें। किसी भी जंगली पौधे की पत्तियों या फल का सेवन करने से पहले उसकी पहचान और खाद्य सुरक्षा की पूरी जानकारी होना जरूरी है। छोटी सी लापरवाही गंभीर विषाक्तता का कारण बन सकती है।