कालाढूंगी में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापा, तीन खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे… रक्षाबंधन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क, मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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कालाढूंगी। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड और जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को कालाढूंगी बाजार में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। टीम ने आधा दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रयोगशाला में गुणवत्ता जांच के लिए तीन खाद्य नमूने लिए गए।
निरीक्षण के दौरान एक खुला पनीर, एक कार्बोनेटेड कैफीनयुक्त बेवरेज तथा एक कार्बोनेटेड बेवरेज लेमिनेटा का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई एवं किराना कारोबारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का ही विक्रय करने के निर्देश दिए।वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। प्रतिष्ठान संचालकों को दुकानों और स्टोर की नियमित साफ-सफाई कराने, पेस्ट कंट्रोल एवं दवाओं का निर्धारित तरीके से छिड़काव कराने तथा कर्मचारियों का नियमित मेडिकल फिटनेस परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं होने दिया जाएगा। मिलावट करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि जहां कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो, इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं करने तथा पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करना, ग्राहकों को बिल या कैश मेमो देना और एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
विभाग ने खराब एवं कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित बताया है। खाद्य पदार्थों में अनियमितता पाए जाने, शिकायत मिलने अथवा नमूना फेल होने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।