जल संस्थान की रिपोर्ट सही, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 10 में से सभी सैंपल फेल हाई कोर्ट में खुली रिपोर्ट की पोल… स्वास्थ्य विभाग के पांच में चार नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे, हाई कोर्ट ने पीसीबी को कमेटी में शामिल करने के दिए निर्देश… रिपोर्ट- (ब्यूरो) “स्टार खबर ” नैनीताल…

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नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी के मामले में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई के क्रम में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जल संस्थान की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन किया और उसे सही पाया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिए गए 10 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए पांच नमूनों में से चार सैंपल फेल पाए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। याचिका में क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पीलिया समेत जलजनित बीमारियों का मामला उठाया गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी को लेकर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी शामिल किया जाए, ताकि पेयजल की गुणवत्ता की स्वतंत्र और प्रभावी जांच हो सके। इसके बाद पीसीबी को नए सिरे से प्रभावित क्षेत्र में पानी के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने मामले में मुख्य सचिव को भी आवश्यक कार्रवाई के संबंध में देखने को कहा है। मुख्य सचिव की ओर से अगले सप्ताह हलफनामा दाखिल किया जाएगा। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित परिवारों और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के संबंध में अलग से हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट की सुनवाई के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के नए सैंपल लेकर उनकी जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि दूषित पेयजल और क्षेत्र में फैल रही बीमारी के बीच क्या संबंध है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह प्रस्तावित है।