कौन करना चाहता है हल्द्वानी विधायक सुमित की हत्या… फोन टेप, क्रिमनल गैंग, सफेदपोश का क्या है लफड़ा.. उठे सवाल पर दिए जवाब.. रिपोर्ट- (ब्यूरो) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। हल्द्वानी कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने फोन कॉल की कथित निगरानी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के दुरुपयोग और राजनीतिक लोगों की निजता से खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल उनका नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी नेताओं, उनके परिवारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुरक्षा से जुड़ा है। अपनी बात रखते हुए विधायक ने आगामी विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने की घोषणा भी की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और लोगों की निजता की रक्षा के लिए यह कदम उठाने की बात कह रहे हैं।

प्रेसवार्ता में सुमित हृदयेश ने दावा किया कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से इस तरह की परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन पर होने वाली बातचीत की जानकारी दूसरों तक पहुंचाई जा रही है और एआइ के माध्यम से बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने की आशंका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोगों की निजी बातचीत सुरक्षित नहीं है तो निजता के अधिकार का क्या अर्थ रह जाता है।
विधायक ने कहा कि वाट्सएप कॉल, टेलीग्राम चैट और अन्य संचार माध्यमों को सुरक्षित मानकर लोग निजी बातचीत करते हैं, लेकिन यदि इनकी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंच रही है तो यह गंभीर विषय है।

उन्होंने एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्हें रात 11 से 12 बजे के बीच होने वाली उनकी बातचीत की जानकारी होने की बात कही गई थी। हालांकि, उन्होंने संबंधित व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया और पूरे प्रकरण को जांच का विषय बताया।

● परिवार की सुरक्षा पर जताई चिंता..

सुमित हृदयेश ने अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध उनसे हो सकता है, लेकिन उनके परिवार को इसमें शामिल करना गलत है। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है अथवा उनके साथ सड़क दुर्घटना जैसी कोई घटना हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तकनीक के माध्यम से लोकेशन और निजी जानकारियों तक पहुंच बनाए जाने की आशंका है। इन आशंकाओं के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

उन्होंने कहा कि मामला किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। भाजपा, कांग्रेस अथवा अन्य दलों के नेताओं और उनके परिवारों की निजता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कथित नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की और कहा कि दोषियों की पहचान कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।विधायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और समय-समय पर कुशलक्षेम भी पूछते हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया, लेकिन साथ ही कहा कि उनकी प्रमुख चिंता अब भी निजता, तकनीक के संभावित दुरुपयोग और परिवार की सुरक्षा को लेकर है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से संजय नेगी और सोनू शर्मा को पार्टी में शामिल करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी विधानसभा सीट छोड़ने तक को तैयार हैं। उन्होंने इसे व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का मामला मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी चिंता व्यापक स्तर पर नेताओं और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर है।
सुमित हृदयेश ने प्रदेश के नेताओं से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि निजता संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि निजी बातचीत को सार्वजनिक कर राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित किया जा सकता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नागरिकों की निजता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।