नैनीताल। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार शाम कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने तल्लीताल स्थित गांधी प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हत्याकांड में कथित वीआइपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता के माता-पिता चार साल बाद भी न्याय की मांग कर रहे हैं और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली में इंडिया गेट पहुंचे थे, जहां से उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार की आवाज सुनी जानी चाहिए और न्याय की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
●कथित वीआइपी की भूमिका की जांच की मांग..
कांग्रेस के अनुपम कबडवाल ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए घटना के बाद से लगातार आवाज उठाई जा रही है। इसके बावजूद परिवार को न्याय की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने हत्याकांड में कथित वीआइपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताते हुए मामले के सभी पहलुओं को पारदर्शी तरीके से सामने लाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की बरसी पर भी न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर पीड़ित परिवार की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार को अंकिता के माता-पिता की पीड़ा को समझते हुए उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
●न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान..
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आवाज उठाना जारी रखेंगे।प्रदर्शन नगर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष डॉ. भावना भट्ट के आह्वान पर आयोजित किया गया। इसमें कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।







