नैनीताल। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को प्रदेश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ से नवाजा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से उनके नाम का चयन पत्रकारिता, हिंदी लेखन और शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया गया है। छह नवंबर को देहरादून में आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे।सम्मान स्वरूप उन्हें प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। डॉ. तिवारी ने पत्रकारिता और अकादमिक क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। लेखन के माध्यम से उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को भी विशेष पहचान दिलाई है। उनके चयन की सूचना से नैनीताल के पत्रकारिता और साहित्य जगत में खुशी का माहौल है।
●विदेशों में भी सम्मानित हो चुके हैं डॉ. तिवारी..
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘राजभाषा गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया था। उन्हें यह पुरस्कार उनकी पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए मिला। देशभर के 13 चयनित लेखकों में वह उत्तराखंड से सम्मानित होने वाले एकमात्र लेखक थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस श्रेणी में सम्मान पाने वाले वह प्रदेश के पहले पत्रकार भी हैं।
हिंदी लेखन, पत्रकारिता और भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस स्थित भारतीय दूतावासों के अलावा थाईलैंड और सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्थाओं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों से सम्मान मिल चुके हैं। पत्रकारिता विषय पर उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें से एक पुस्तक का विमोचन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने वहां स्थित राष्ट्रपति भवन में किया था।
डॉ. तिवारी के दो दर्जन से अधिक शोध पत्र और एक हजार से ज्यादा लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग का आरटीआई अवार्ड और अंतरराष्ट्रीय भारत सम्मान अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।





