दुखद.. पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का निधन, नैनीताल में शोक की लहर दिल्ली में स्वास्थ्य जांच के दौरान पड़ा दिल का दौरा… रिपोर्ट- (ब्यूरो) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता, पूर्व विधायक और उत्तराखंड के जनसरोकारों को लेकर मुखर रहने वाले डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डॉ. जंतवाल नियमित स्वास्थ्य जांच के सिलसिले में दिल्ली गए थे, जहां उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ गया। उनके निधन से उत्तराखंड ने राज्य आंदोलन और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दों पर मुखर आवाज उठाने वाला एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व खो दिया है।
डॉ. जंतवाल उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे थे। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल विधानसभा सीट से उत्तराखंड क्रांति दल के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। निर्वाचन संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने इस चुनाव में 10,864 मत प्राप्त कर जीत हासिल की थी।
राजनीतिक जीवन के साथ ही डॉ. जंतवाल का सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान रहा। वह कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में छात्रसंघ अध्यक्ष सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके थे। उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर चले जनांदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। राज्य गठन के बाद भी वह स्थायी राजधानी गैरसैंण, मूल निवास, भू-कानून, पलायन और प्रदेश के अधिकारों जैसे मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे।
उनकी राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर 2026 में भी वह नैनीताल में राज्य आंदोलनकारियों के साथ उत्तराखंड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और राज्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय थे।
डॉ. जंतवाल की पत्नी डॉ. सावित्री जंतवाल कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. जंतवाल का जाना नैनीताल और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों और जनसमस्याओं को लेकर उनकी मुखरता हमेशा याद रखी जाएगी। शहर के विभिन्न संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।