भगवान भास्कर की उपासना के महापर्व छठ की छटा पूरे उत्तर भारत में…

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डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य आज शाम दिया जाएगा..भगवान भास्कर की आराधना का पर्व है छठ पूजा…

दीपावली के बाद छठ की छटा पूरे देश में छाई हुई है।कल छठ पर्व का दूसरा दिन खरना पर सिद्धयोग व आज रविवार को युग्म संयोग है।
इस महापर्व पर छठ व्रतियों ने सिद्धयोग में शाम को घर से लेकर घाट तक “खरना” की पूजा की।और व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। खीर, रोटी महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद छठ व्रती दो दिनों के लिए भगवान भास्कर की भक्ति में लीन हो जाएंगे। वहीं कार्तिक शुक्ल षष्ठी रविवार को छठ व्रती सर्वार्थ सिद्धि, रवियोग के शुभ योग में डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा।

आज शाम के अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 5.32 बजे से 5.45 बजे तक रहेगा..

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी की 30 अक्टूबर 2022 पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा फिर 31 अक्टूबर 2022 को उदयीमान सूर्य यानी उगते सूरज को व्रती जल चढ़ाकर अपना व्रत पूरा करेंगे।आज शाम के अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 5.32 बजे से 5.45 बजे तक है।

उगते सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, आरोग्यता, यश, संपदा का होता है आशीष प्राप्त…

सप्तमी तिथि सोमवार को छठ व्रती धृति व रवियोग के शुभ संयोग में उदीयमान सूर्य को दूध व जल से अर्घ्य देकर पारण करने के बाद चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन हो जाएगा। सोमवार को छठ व्रती सुबह 6.27 बजे से 6.43 बजे तक भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। वैदिक मान्यताओं के अनुसार उगते सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, आरोग्यता, यश, संपदा का आशीष प्राप्त होता है।यह भी मान्यता है कि सूर्य को सही विधि और नियम से जल चढ़ाया जाए तो किस्मत सूरज के समान चमक उठती है।