दिल्ली में तथाकथित शराब घोटाले में अब हो गई ई.डी. की एंट्री.. दिल्ली से मुंबई तक 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी…

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दिल्ली में तथाकथित शराब घोटाले में अब हो गई ई.डी. की एंट्री.. दिल्ली से मुंबई तक 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी…

दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर चल रही सीबीआई जांच के बीच अब ईडी की भी एंट्री हो गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना और महाराष्ट्र में ईडी की छापेमारी की जा रही है।

मामले में सी.बी.आई के फेल होने के बाद अब ई.डी.हुई सक्रिय…

बताया जा रहा है कि कई शराब कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी के अधिकारी पहुंचे हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ के अलावा मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी तलाशी ली जा रही है। शराब घोटाले में पहली बार ईडी ऐक्शन में आई है। इससे पहले सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर भी छापेमारी हो चुकी है।

उत्तराखंड में तो शराब मोबाइल वैन के जरिये गाँव-गाँव पहुंचा दी गई..शराब नीति बनाना बहुत अहम…

आपको बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर सी.बी.आई की रेड जारी थी।तब भी वहाँ ई.डी. की उपस्थिति की चर्चाएं आम थी।पर कुछ समय बाद ई.डी. ने उक्त प्रकरण पर कोई जाँच न किये जाने की अफवाहों पर विराम लगा दिया था।क्या वास्तविकता में दिल्ली की शराब नीति में बड़ा घोटाला हुआ है..? यह तो आपको जल्द ही पता चल जाएगा।पर यदि यह कार्यवाही दिल्ली सरकार को दबाने की कोई साजिश निकली तो यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक ही कही जायेगा। यहाँ शराब नीति में अन्य राज्यों की चर्चा करना भी अनिवार्य है।उत्तराखंड में भाजपा के शासनकाल में ही शराब को मोबाइल वैन के जरिये गाँव-गाँव तक पहुँचाया गया।कोविड काल में सभी डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब बेचे जाने का शासनादेश भी जारी कर दिया।मतलब शराब की पकड़ में पूरा प्रदेश आ गया।लेकिन दिल्ली में पूरी शराब नीति में ही क्या शराब माफ़िया के चंगुल में केजरीवाल की सरकार फँसती दिखाई पड़ती है..? या “आप” को केंद्र सरकार किस प्रकार निपटा पाती है,यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा…