नैनीताल के मेट्रोपोल कंपाउंड में अवैध अतिक्रमण कारियों के आशियाने हुए ध्वस्त..समतलीकरण का कार्य जारी…

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नैनीताल में मेट्रोपोल कंपाउंड शत्रु संपत्ति में  प्रशासन की बड़ी कार्यवाही..अवैध निर्माण किये गए नेस्तिनाबूद…

सरोवर नगरी का मेट्रोपोल कंपाउंड जो कि पिछले कुछ माह से बहुचर्चित रहा है।इस अवैध बसावट को नेस्तिनाबूद किये जाने का सरकारी प्रयास आज बिना किसी विरोध के निपट गया है।ज्ञात रहे कि बहुत लंबे समय से यहाँ घोड़े,टैक्सी वाले व अन्य ने अपने स्थायी ठिकाने बना लिए थे।वर्ष 2017 में यह संपत्ति केंद्र सरकार द्वारा शत्रु संपत्ति घोषित कर दी गई।तभी से यहाँ रह रहे निवासियों की धड़कने बढ़ गई थी।लेकिन फिर भी यहाँ अवैध रूप से निवास कर रहे लोग अन्यत्र जाने को तैयार नही थे क्योंकि यह क्षेत्र नैनी झील के बहुत निकट है।यहाँ के अवैध कब्जेदारों का कहना था कि सरकार कुछ भी करे पर वो लोग स्थल से नही हटेंगे।कल इन अतिक्रमणकारियों की याचिका उच्च न्यायालय में खारिज़ होंने के बाद इनके हौसले पस्त हो गए।और आज बिना किसी विरोध के जिला व पुलिस प्रशासन ने उक्त अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण कर भूमि समतलीकरण का कार्य भी भारी पुलिस बल की तैनाती में जारी रखा।इस रिक्त हुए स्थान पर पार्किंग व सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव प्रशासन द्वारा बनाये जा रहे हैं।जिससे सीज़न काल में पार्किंग के दबाव से भी सरोवर नगरी को राहत मिल सकेगी।

 

सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों पर राज्य सरकार सख्त.. ऐसे गुनाहगारों को अब मिलेगी सज़ा…

आपको बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी भूमि पर किये अवैध अतिक्रमण पर अपना स्पष्ट रुख पहले ही ज़ाहिर कर दिया है।जिसके तहत किसी भी सरकारी भूमि में अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति पर दस वर्ष की सज़ा का प्रावधान भी किया गया है।लेकिन इस सब के बाद भी झील नगरी पूरी तरह से बाहरी अतिक्रमण कारियों की चपेट में है।अब देखना यह होगा कि शहरों के बीच व बाहरी क्षेत्रों में जो सरकारी भमि पर अवैध कब्जेदारों का बहुत जमावड़ा वर्तमान में अन्यत्र भी मौजूद है।क्या ऐसे सभी निर्माणों पर सरकार सख्ती कर पायेगी..?या यह कार्यवाही केवल शत्रु संपत्ति पर ही की जाएगी..?यह बड़ा सवाल है..?