अंकिता हत्याकांडा…क्यों कहा कोर्ट ने की इस मामले में मॉनिटरिंग जरूरी…सरकार को कहा स्टेटस रिपोर्ट करें फाइल ..

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नैनीताल – राज्य में हुए अंकिता हत्याकांडा को हाई कोर्ट ने गंभीर मानते हुए पूरे मामले की मॉनिटरिंग की जरूरत बताई है। कोर्ट ने सरकार से स्टेट्स रिपोर्ट फाइल करने का आआदेश दिया है कोर्ट 27 मार्च को अब इस मामले की सुनवाई करेगा। हालांकि सरकार ने कोर्ट को बताया कि 17 अक्टूबर 2022 को कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि राजस्व पुलिस की व्यवस्था को खत्म कर दिया है और अपराधों की विवेचना को सिविल पुलिस को सौंपा गया है। कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं रही जिसके बाद प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। आपको बतादें कुछ महीने पहले अंकित हत्याकांडा के बाद राजस्व पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे जिस पर देहरादून की सतह ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि अब राजस्व पुलिस की व्यस्था खत्म करने के आदेश का पालन किया जाए क्योंकि 2018 में हाई कोर्ट ने आदेश दिया था जिसमें राजस्व पुलिस को खत्म करने का आदेश दिया था उसका पालन नहीं किया गया है।
दरअसल 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने नवीन चन्द्र बनाम राज्य सरकार केश में इस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता समझी गयी थी। जिसमे कहा गया कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की भांति ट्रेनिंग नही दी जाती यही नही राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन, कम्प्यूटर,डीएनए और रक्त परीक्षण, फोरेंशिक जाँच ,फिंगर प्रिंट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही होती है। इन सुविधाओं के अभाव में अपराध की समीक्षा करने में परेशानियां होती है। कोर्ट ने कहा था कि राज्य में एक समान कानून व्यवस्था हो। जो नागरिकों को मिलना चाहिए।
जनहित याचिका में कहा गया कि अगर सरकार ने इस आदेश का पालन किया होता तो अंकिता मर्डर केश की जाँच में इतनी देरी नही होती। इसलिए राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त किया जाय। इस मामले में समाधान 256 कृष्णा विहार लाइन न एक जाखन देहरादून वालो ने जनहीत याचिका दायर की है।