कौन सुनेगा….सरकार हम वोटरों की सड़कों की भी लें सुध…गड्ढे वाली सड़कों के लिए ओखलकांडा से 50 किलोमीटर धरना देने पहुंचे ग्रामीण….कहा मुख्यमंत्री को नहीं हमको भी लगते हैं झटके.

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आक्रोश, ओखलकांडा की सड़कें बदहाल ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, पहाड़ से धरना देने पहुंचे बुद्ध पार्क

रिपोर्ट -(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर” हल्द्वानी /नैनीताल

हल्द्वानी – कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री को हल्द्वानी आते वक्त सड़कों में झटके लगे तो मुख्यमंत्री ने तत्काल सड़क दुरस्त करने के आदेश दे दिए लेकिन पहाड़ों में लोग इन सड़कों ने नॉय सिर्फ परेशान हैं बल्कि हादसों का भी खतरा बना हुआ है। अब ओखलकांडा विकासखंड की जर्जर दर्जनों सड़कों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. जिसको लेकर अब ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है, कई सालों से सड़कों की स्तिथि नहीं सुधरने पर अब ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरु के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बुधवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में जोरदार धरना – प्रदर्शन किया।

आपको बता दें की ओखलकांडा ब्लॉक के मुख्य ग्रामीण मार्गों का बहुत बुरा हाल है। जगह – जगह गड्ढों से कई दुर्धटनायें हो चुकी हैं. सबसे ख़राब हालत 26 किलोमीटर लम्बे मार्ग छिड़ाखान – अमजड़ मोटर मार्ग का है यह ग्रामीण हाइवे ओखलकांडा सहित चम्पावत जिले के सैकड़ों गावों को जोड़ता है, पर्यटन के लिहाज से भी यह मोटर मार्ग महत्वपूर्ण है हल्द्वानी से रीठा- साहिब को जोड़ने वाला सबसे नजदीक रुट है।

इन सड़कों से रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं जगह – जगह सड़कें टूटी हैं. सड़कों की बुरी दुर्दशा के कारण आये दिन हादसे होते हैं. कई हादसों के बाद प्रशासन आँख मुदकर बैठा हुआ है। कांग्रेस नेता हरीश पनेरु ने आरोप लगाया की आजादी के बाद ओखलकांडा विकासखंड का दुर्भाग्य है की जिस गति से विकास होना चाहिए था वह कहीं नहीं दिखाई देता यह ब्लॉक क्षेत्रफल में सबसे बड़ा विकासखंड होने के बावजूद भी विकास में पिछड़ा हुआ है.

पूर्व वन पंचायत सरपंच कमल शर्मा ने कहां की चुनाव पर सैकड़ों वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र से अब मुंह मोड़ लिया है। उन्होंने कहा अगर जल्द ही सड़कों की स्थिति ठीक नहीं होती है तो वह इस आंदोलन को और बड़ा करने के लिया बाध्य होंगे, इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने क्षेत्र के कई गावों से लोग शामिल हुए थे।