अल्मोड़क बाल मिठाई खाई मोदी ने…. लक्ष्य सेन ने निभाया वादा, पीएम मोदी को गिफ्ट की अल्मोड़ा की मशहूर ‘बाल मिठाई’

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वरिष्ठ पत्रकार हेमराज चौहान की कलम से…
दिल्ली – अल्मोड़ा के बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने पीएम मोदी को रविवार को अल्मोड़ा की मशहूर बाल मिठाई गिफ्ट की. पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपना वादा किया.पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें कहा कि वो आगे भी कीर्तिमान बनाकर उनके लिए बाल मिठाई लाएंगे. बता दें कि पहली बार 15 मई को थॉमस कप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया था. लक्ष्य सेन भी इस टीम का हिस्सा थे.
भारत के फाइनल जीतने के बाद पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ टेलीफोन पर बात कर खिलाड़ियों को बधाई दी थी. उन्होंने युवा शटलर लक्ष्य सेन से अल्मोड़ा की ‘बाल मिठाई’ लाने का भी अनुरोध किया था.
पीएम मोदी ने रविवार को लक्ष्य को अल्मोड़ा की ‘बाल मिठाई’ लाने के लिए धन्यवाद भी दिया. बता दें कि अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन भाई चिराग सेन भी बैंडमिटन में देश का नाम रोशन कर रहे हैं. लक्ष्य के पिता और दादा भी बैंडमिटन खेलते थे.

अल्मोड़ा की बाल मिठाई के कायल थे अंग्रेज..

दरअसल 19वीं शताबादी में अल्मो़ड़ा मे बाल मिठाई की शुरुआत हुई..यहां की बाल मिठाई को लेकर कहा जाता है कि इसे अंग्रेज भी इस मिठाई के कायल थे..अंग्रेजों को यहां की बाल मिठाई इस कदर भाई की गोरे नावों के रास्ते ब्रिटेन ले जाते थे. इस मिठाई की शुरुआत जोगा शाह ने की थी. इस मिठाई की खासियत है कि अगर ये सही तरीके से बनाई गई हो तो लंबे समय तक खराब नहीं होती है. इसे खोया से बनाया जाता है. अल्मोड़ा की बात करें तो इसे राज्य की सांस्कृतिक नगरी के नाम से जाना जाता है. कुमाऊं में ये चंद वशंजो की राजधानी रह चुकी है।

पहाड़ की बाल मिठाई और चाँकलेट का क्रेज

बाल मिठाई और इससे बनी चाँकलेट का बड़ा ही क्रेज है। ये एक ऐसी चॉकलेट जिसे कोको बीन्स से नहीं, बल्कि खोए से बनाया जाता है. बाल मिठाई की ख़ासियत ये है कि ये खाने में कुरकुरी लगती है. इस मिठाई का स्वाद इतना लाजवाब है कि पर्यटक और यहां के लोगों की ये फ़ेवरेट मिठाई है। खोये और चीनी से तैयार होने वाली इस मिठाई को पकाकर तैयार किया जाता है वो भी तब तक जब तक कि वह दिखने में चॉकलेट के रंग जैसे नहीं हो जाता. उसे कुछ समय तक जमने दिया जाता है, और फिर आयताकार टुकड़ों में काट कर चीनी की सफेद दाने से सजाया जाता है. आज बाल मिठाई सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी बड़े ही चाव से खाई जाती है.बाल मिठाई शुद्ध खोया, चीनी, देशी घी एवं खसखस से मिलकर बनती है. अल्मोड़ा बाल मिठाई बनाने के लिए अल्मोड़ा के कारीगरों को ही स्पेस्लिस्ट कारीगर माना जाता है। आज भी अगर कोई व्यक्ति पहाड़ से परदेश जाता है तो पहाड़ से भेंट स्वरुप बाल मिठाई ही लेकर जाता है..वहीं पर्यटन सीजन के दौरान तो हाल ये है कि देश भर के पर्यटक अल्मोड़ा और नैनीताल से अपने साथ बाल मिठाई को अपने रिस्तेदारों और परिजनों के लिये लेकर जाते हैं।

पहाड़ में हो रहा है लक्ष्य सेन का स्वागत

वहीं थॉमस कप विजेता लक्ष्य सेन उनके पहाड़ में भी स्वागत हो रहा है। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद लक्ष्य सेन नैनीताल के भवाली पहुंचे जहां नैनीताल विधायक सरिता आर्या समेत अन्य लोगों ने उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया अपने ग्रह नगर अल्मोड़ा जाते समय लक्ष्य कुछ देर भवाली में रुके थे..इस दौरान उनके पिता व कोच डी के सेन भाई चिराग सेन माता निर्मला सेन समेत अन्य लोग मौजूद रहे..

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