मछली पालन से सुधरेगी पहाड़ में किसानों की हालात… मत्स्य विभाग ने शुरू किए प्रयास

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धारी – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय, भीमताल ने ओखलकाण्ड़ा के दूरस्थ गाॅव भूमका में मेरा गाॅव मेरा गौरव के तहत एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। प्रचुर जलीय संसाधनों से भरपूर में उन्नत मछली पालन द्वारा ग्रामीणों की आथिर्की में सुधार करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर बदलते परिवेश में गाॅव स्तर स्थानीय संसाधनों के विवेकपूणर् उपयोग से छोटे-छोटे कृषि कायोर् द्वारा किस तरह अपनी आजिविका चलाई जा सकती इस पर कृषकों को जागरुक किया। डीसीएफआर मत्स्य पालन को पवर्तीय क्षेत्रों के दूरस्थ गाॅवों में स्थापित करने हेतु अनेक तरह के प्रयास कर रहा है। इनमें समय समय पर लाभाथिर्यों को संस्थान द्वारा चल रही योजनाओं के तहत जरुरी सामान उपलब्ध कराना, उन्नत कापर् तेज बढने वाली मत्स्य बीज का तालाबों में मार्च अप्रैल के महीनों में संचय आय को और अधिक बढाने के तहत रंगीन मछलियों का संचय, सन्तुलित पैलेटेड मत्स्य आहार का उपयोग, तालाबों की नियमित जाॅच एवं उत्पादित मछलियों के प्रसंस्करण द्वारा मूल्य संवधर्न जैसे-गतिविधियों को अपना रहा है। भूमका गाॅव में 22 मत्स्य पालको का समूह के रुप में विभिन्न तरहों की सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। संगोष्ठी के लिए संस्थान के निदेशक, डाॅ0 पी0 के0 पाण्डेय ने अपनी सुभकामऐ देते हुये। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उपयोग करते हुये, अधिक से अधिक आय अजिर्त करने का आग्रह किया। ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन को अन्य व्यवसाय जैसे- खेती, मुगीर्पालन, बागवानी, मशरुम एवं फूलों की खेती के साथ जोड़ कर स्थानीय संसाधनों के उपयोग के साथ रोजगार के रुप में अपनाया जा सकता है। इस अवसर पर बढी संख्या में न भूमका के कृषक उपस्थित रहे। कायर्क्रम का संचालन डाॅ0 सुरेश चन्द्रा, प्रधान वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी, एमजीएमजी ने किया। उन्होने ग्रामीणों को उत्तराखण्ड की जलवायु एवं पानी की उपलब्धता अनुसार मत्स्य प्रजातियों के चयन तथा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को विस्तार से बताया। भूमका के ग्राम प्रधान मुकेश चन्द्र बौद्व ने स्थानीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त करने हुऐ इस व्यवसाय से जुड कर लाभ लेने की अपील की। प्रधान मुकेश चन्द्र बौद्ध ने कहा दुरुस्त गांव भूमका में विगत 3 वर्षों से मछली का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है ग्रामीणों में काफी उत्साह भी देखा जा रहा है उन्होंने निदेशक एवं डॉ सुरेश चन्द्र जी का आभार ब्यक्त किया ओखलकाण्डा ब्लाॅक के उत्तराखण्ड मत्स्य विभाग के निरीक्षक श्री कुवर सिंह बगडवाल ने विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर 22 मत्स्य पालकों को रंगीन एवं ग्रास कापर् मछलियाॅ, हैन्ड नेट, जाल, ब्रिडिंग हापा, मत्स्य आहार एवं रोग उपचार हेतु दवाईयाॅ निःशुल्क वितरित की गयी। कायर्क्रम में 95 लोगों के प्रतिभाग किया। कायर्क्रम में मनमोहन सिंह, विक्रम रावत, राकेश चन्द्र, विशन राम, कृष्ण राम, विपिन चन्द्र, भुवन चन्द्र, बाली राम, रविन्द्र कुमार, संतोष कुमार, हरी राम, वेद प्रकाश, राम लाल, जीवन चन्द्र, चन्द्र प्रकाश सहित 95 लोगों ने प्रतिभाग किया।