यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आनंद रावत के सवाल जायज़ पर वे बताएं जब वो सत्ता में थे तो इन मुद्दों का निराकरण क्यों नही किया…

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सोशल मीडिया सुर्खियों पर नैनीताल से संजय नागपाल की रिपोर्ट..
काँग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहते हैं।समय-समय पर वे राजनीतिक,सामाजिक मुद्दों पर पोस्ट करते ही रहते हैं।

यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम हरीश रावत के बेटे आनंद रावत ने सोशल मीडिया में सुर्खियों में रहने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत पर तीखा कमेंट किया है। रोजगार के मुद्दे पर आनंद ने फेसबुक पर लंबी-चौड़ी पोस्ट अपडेट की है। इसमें उन्होंने जन्मदिन की बधाई व शोक संवेदना में व्यस्त रहने वाले नेताओं पर सवाल उठाए हैं। इस पोस्ट में दिलचस्प यह है कि आनंद ने अन्य नेताओं के साथ सबसे पहले अपने पिता हरीश रावत के नाम का उल्लेख भी किया है।

आनंद रावत ने लिखा कि हरीश रावत हों या फिर किशोर उपाध्याय या फिर युवा नेता सुमित हृदयेश,विनोद कंडारी, ऋतु खंडूड़ी। इन सबके फेसबुक वॉल पर आपको बधाई या शोक की ही पोस्ट दिखेगी।लेकिन राज्य के चिंतन पर कुछ नहीं मिलेगा। इसके बाद उन्होंने आगे अपने पिता पर सीधे तंज कसते हुए लिखा कि ‘मेरे पिताजी मेरे चिंतन व विचारों से परेशान रहते हैं। शायद उन्होंने हमेशा मेरी बातों व विचारों को एक नेता की दृष्टि से सुना और मुझे येड़ा समझा।
आनंद ने लिखा कि राज्य में सबसे ज्यादा आईटीआई, पॉलीटेक्निक खोले गए हैं। हर साल 20 हजार तकनीकी रूप से दक्ष युवा तैयार हो रहे हैं। लेकिन राज्य के युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार वेतन नहीं मिलता। सिडकुल में 10 से 12 हजार रुपये तक ही वेतन मिलता है। जबकि केरल में यह दोगुने के करीब है। विदेशों में जाकर युवा लाखों रुपये कमाते हैं।
कुलमिलाकर वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष में नेताओं को चाहे वो सत्ताधारी हों या विपक्षी,केवल लाइम लाइट में आने के लिए तीखे बयानबाजी करते हैं। लेकिन जब उन्हें सत्ता मिल जाती है तो अक्सर नेताओं की खामोशी केवल सत्तालोलुपता तक ही सीमित रहती है।वर्तमान में उत्तराखंड 85 हज़ार करोड़ के कर्ज तले दबा हुआ है।लेकिन प्रदेश के किसी नेता का चिंतन इस विषय पर नही है। फिलवक्त आनंद रावत की इस पोस्ट के लिए कोई उनकी तारीफ करे या निंदा..बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी तो उस वक़्त उन्होंने इन मुद्दों पर कोई काम क्यों नही किया…?
पूर्व मुख्यमंत्री हरदा ने भी जवाब में खुद को वक़्त का मारा बताया..सोशल मीडिया में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोपों से चर्चा का माहौल गर्म है।क्योंकि नेता आरोप तो लगा देते हैं पर वक़्त आने पर संबंध में काम नही करते…

नव वर्ष 2023 की शुभ कामनाएँ।