मामा के ‘नायक’ अंदाज की कायल हुई जनता

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर आजकल कुछ बदले- बदले से नजर आने लगे हैं। अब वह न केवल जनता के बीच जा रहे हैं बल्कि ग्रामीणों , किसानों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों की समस्याओं को सीधे सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री जनता के अदने से सेवक बनकर न केवल अफसरों को जनता की अदालत में सुधर जाने की नसीहत दे रहे हैं बल्कि मौके पर अधिकारियों की क्लास लगाने में देरी नहीं लगा रहे हैं और अफसरों को तत्काल निलंबित कर रहे हैं । खुद मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा है मध्य प्रदेश में अब नया ज़माना आ गया है। मुख्यमंत्री, मंत्री और शासन के सभी अधिकारी खुद चलकर अब जनता के बीच जाएंगे और उनके कार्यों को पूरा करेंगे। मध्यप्रदेश में अब केवल जनता का राज ही चलेगा। गड़बड़ी करने वाला कोई भी अधिकारी कितना ही बड़ा क्यों न हो अब मध्यप्रदेश में नहीं बचेगा। कमाने वाला खायेगा और लूटने वाला सीधे जेल जाएगा। सीएम शिवराज के प्रदेश भर में अचानक हो रहे ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण से प्रदेश के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।

 

*डिंडोरी जिले में सीएम का औचक निरीक्षण*

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल डिंडोरी जिले का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, जहां मौके पर ही सीएम ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासन के आला अधिकारियों की भी जमकर क्लास ली। सूबे के मुखिया ने अब अपनी काम करने की शैली को बदलने का फैसला किया है। अब वह जनता के बीच जाकर खुद ग्राउंडजीरो पर बिना लाव लश्कर के पूरे प्रदेश का औचक दौरा कर रहे हैं । शनिवार को सीएम सुबह अचानक भोपाल से हेलीकॉप्टर पर सवार होकर निकले जिसकी भनक जिला प्रशासन तक को नहीं थी । इस दौरे को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया और सीएम बिना मोटर केड के साथ औचक निरीक्षण के लिए रवाना हुए । दोपहर में सीएम शिवराज डिंडोरी जिले के शाहपुरा सड़क मार्ग से पहुंचे और सीधे बेलगांव बदल मध्यम सिंचाई परियोजना का औचक निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और किसानों से मुलाकात भी की। इस दौरान काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को मौके पर निलंबित करने में देर नहीं लगाई।

 

*सीएम के औचक दौरों ने बढ़ाई अधिकारियों की टेंशन*

 

एक साल बाद मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सरकार और जनता की दूरी को पाटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज अब पूरी तरह से एक्शन माड में आ गए हैं। सीएम शिवराज के इस एक्शन से प्रदेश के प्रशासनिक विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति , हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित करने समेत जनसमस्याओं को सुनने के लिए वह आने वाले दिनों में अलग-अलग जिलों का औचक दौरा किया करेंगे जिससे अधिकारियों की टेंशन बढ़नी तय है।

 

*बैतूल में मामा के एक्शन पर जनता ने बजाई तालियां*

 

अभी कुछ दिन पहले बैतूल में मुख्यंत्री जन सेवा अभियान कार्यक्रम में पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरी तरह से एक्शनमाड में नजर आए। काम में लापरवाही मिलने की सूचना पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ही अधिकारियों को सस्पेंड करने में देरी नहीं लगाई । सीएम को जब जिले में खनन की बहुत शिकायतें मिली तो उन्होनें इसलिए बैतूल जिले के माइनिंग अफसर को सस्पेंड करने में देरी नहीं लगाई । बैतूल जिले के सीएमएचओ, जेई की के खिलाफ बड़ी शिकायतें मिलने पर उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया । सीएम शिवराज का ये अंदाज देख कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारी कर्मचारी सकते में आ गए और वहीं जनता ने तालियां बजाकर सीएम शिवराज का अभिवादन किया।

*अधिकारियों की लापरवाही अब पड़ेगी भारी बड़वानी जिले में भी दिखे शिवराज के तल्ख़ तेवर*

 

अभी कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में आयोजित पेसा एक्ट जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान तल्ख़ नजर आए। इस दौरान पीएम आवास में लापरवाही बरतने पर सीएम चौहान ने मंच से ही सेंधवा जनपद पंचायत के सीईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पीएम आवास को लेकर कुछ शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से बड़ी कार्रवाई करने में देरी नहीं लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा लापरवाही किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएग । सीएम शिवराज ने मंच से कहा कि जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और अगर जनता को कोई दिक्कत हुई तो मामा उसको छोड़ेगा नहीं।

 

शिवराज के इस एक्शन अवतार की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजने की बात कर जनता का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता को मध्य प्रदेश की मालिक बताते हैं इसलिए वह नहीं चाहते उनके कार्यकाल में आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी हो। मुख्यमंत्री शिवराज के रहते प्रदेश में मुख्यमंत्री निवास के दरवाजे आम जनता के लिए खुले।

 

*चुनावी मूड में पूरी रौ में नजर आ रहे हैं मामा*

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते कुछ समय से अपने काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज के रहते प्रदेश में मुख्यमंत्री निवास के दरवाजे आम जनता के लिए खुले। मुख्यमंत्री 18 -20 घंटे लगातार जनता के बीच रखकर काम करते हैं। सुबह 6 बजे से ही वह जिलों की समीक्षा करते नजर आते हैं। वर्चुअल मीटिंग में भी कलेक्टरों और अधिकारियों की तगड़ी क्लास लगाते हैं। जनता के बीच जाकर सीधे उनसे संवाद स्थापित करते हैं और मौके पर मुख्यमंत्री दरबार लगाते हैं और जन समस्याओं को सुनकर बड़ी कार्रवाई करने से परहेज नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज को उनके इस नायक अवतार की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज अपनी सभाओं में सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजने की बात कहकर जनता का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता को मध्य प्रदेश की मालिक बताते हैं इसलिए वह नहीं चाहते उनके कार्यकाल में आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी हो। मुख्यमंत्री शिवराज का जनता से यह जुड़ाव उनकी विलक्षण जननेता की छवि बनाने में बखूबी मददगार साबित हो रहा है।