पुरानी सोसाइटी का हिसाब दिया नही..फ्लैट होल्डर्स के जाली हस्ताक्षर कर गठित कर ली नई संस्था..

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एक संस्था में सचिव तो दूसरी का अध्यक्ष बना बैठा है बाहुबली..उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों को बताता है अपना करीबी…

 

उत्तराखंड में एक तरफ वर्तमान पुष्कर सिंह धामी सरकार बाहरी लोगों को भूमि की खरीद फ़रोख़्त न किये जाने के मकसद से भू अध्यादेश लाने की तैयारी तेजी से कर रही है वहीं बाहरी बिल्डर्स द्वारा उसका भी तोड़ आसानी से निकाल लिया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब कैंची धाम के निकट निगलाट में बनाई गई एक आवासीय कालोनी में 18 फ्लैट्स बना कर बिल्डर तो बेच कर चंपत हो गया पर उक्त रिहायशी इमारत में रहने वाले बाशिंदों ने इसके बेहतर रख-रखाव के लिए “गुरुकृपा निवासीय कल्याण समिति” बना ली।फिर शुरू हुआ इसमें अज़ब मोनेटाइज गेम..वर्ष 2016 में सोसाइटीज ऑफ चिट्स एंड फर्म के अंतर्गत रजिस्टर्ड करवाई गई और सभी 18 फ्लैट होल्डर्स से इसमें रख-रखाव के मद में तथा विद्युत आपूर्ति के लिए नए ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए धन एकत्रित किया गया।हैरत की बात यह रही कि वर्ष 2022 में इस संस्था का रिन्यूअल होना था लेकिन उससे पहले ही वर्ष 2019 में ही राजीव चौधरी जो कि इसी सोसाइटी में एक फ्लैट होल्डर हैं के द्वारा एक नई सोसाइटी का गठन उसी मल्टीस्टोरी इमारत के स्थान को दर्शाते हुए कर लिया गया।केवल एक दो नामों को कम कर दिया गया।वास्तविकता में वही 18 लोग पुरानी संस्था में थे क्योंकि इन सभी लोगों ने यहाँ फ्लैट्स खरीदे थे।इसीलिए केवल फ़्रॉड की नीयत से किसी क्रेता को संस्था को बाहर नही किया जा सकता है।

पुरानी सोसाइटी का हिसाब दिया नही..फ्लैट होल्डर्स के जाली हस्ताक्षर कर गठित कर ली नई संस्था..-प्रमिला कुमारी सक्सेना अध्यक्षा गुरुकृपा निवासीय कल्याण समिति कैंची धाम

गुरुकृपा संस्था की अध्यक्षा प्रमिला कुमारी सक्सेना ने बताया कि कुछ फ्लैट होल्डर्स के जाली हस्ताक्षर कर व अध्यक्ष को सूचना दिए बगैर राजीव चौधरी ने खुद स्वयंभू की भूमिका निभाकर पुरानी संस्था से इतर उसी स्थान पर एक अन्य सोसाइटी “गुरुदेव आवासीय कल्याण समिति ” रजिस्टर करवा ली।जिसमें फ्लैट होल्डर्स के जाली साइन भी उन्होंने खुद ही कर डाले।और तो और उसका स्वयं अध्यक्ष भी बन गया।फिर इसमें शुरू हुआ मोनेटाइज खेला।सभी निवासी सदस्यों से आज तक पैसा तो “गुरुकृपा निवासीय कल्याण समिति” के खाते में लिया जाता रहा।और फिर यही पैसा “गुरुदेव आवासीय कल्याण समिति ” के लिए व अन्य व्यक्तिगत मदों के लिए खर्च किया जाता रहा।जिसका कोई हिसाब न तो संस्था के पदाधिकारियों को दिया गया न ही सोसाइटीज कार्यालय को उपलब्ध कराया गया।पुरानी सोसाइटी के बैंक एकाउंट को आज भी जीवित रखा गया है मतलब एक ही स्थान पर दो सोसाइटीज द्वारा कार्य किया जाना पूरी तरह से स्पस्ट हो रहा है।

रजिस्ट्रार सोसाइटी चिट्स एंड फर्म्स हल्द्वानी “गुरुदेव आवासीय कल्याण सोसाइटी” को जारी करेगा नोटिस..- रजिस्ट्रार सोसाइटी चिट्स एंड फर्म्स हल्द्वानी

जब “स्टार ख़बर” ने रजिस्ट्रार सोसाइटी चिट्स एंड फर्म्स हल्द्वानी पूजा जी से एक ही स्थान पर दो संस्थाओं के रजिस्टर होने की बात बताई गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है।उन्होंने कहा कि हमारे पास सात हज़ार सोसाइटीज रजिस्टर हैं उनका बारीकी से डेटा मिलान  किया जाना संभव नही है।लेकिन अब मामला संज्ञान में आया है तो “गुरुदेव आवासीय कल्याण सोसाइटी” को संबंध में नोटिस जारी कर जवाब माँगा जाएगा।संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।