★. ओखलकांडा: छात्रों की कमी से नहीं बल्कि शिक्षकों की कमी से खाली हो रहे हैं सरकारी स्कूल – कमल मेवाड़ी ★. ओखलकांडा में शिक्षकों की भारी कमी ,छात्र संघ ने खंड शिक्षा अधिकारी सुलोहिता नेगी को सौंपा ज्ञापन ★. नए सत्र में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो छात्रसंघ और अभिभावक आंदोलन करने को होंगे मजबूर । रिपोर्ट – (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर” {भीमताल ओखलकांडा}

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भीमताल (ओखलकांडा)
सरकार एक ओर तो सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे स्कूलों से धीरे-धीरे लोग अब अपने बच्चो के बेहतर भविष्य के लिए निजी स्कूलों का रुख करने लगे है। जिसके चलते सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या हर वर्ष कम होती जा रही है।
लंबे समय से ओखलकांडा के विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे पतलोट छात्रसंघ संयुक्त सचिव कमल मेवाड़ी सहित अभिभावकों ने मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी सुलोहिता नेगी को ज्ञापन सौंपा अभिभावक संघ अध्यक्ष कैवराला गोविंद सिंह मेवाड़ी ने कहा ने कहा सबसे पहले तो ओखलकांडा में शिक्षकों की कमी को दूर किया जाए और बंद पड़े स्कूलों को भी खोलने की मांग की । संयुक्त सचिव कमल मेवाड़ी ने बताया कि शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान हैं। इसके चलते अभिभावक अपने बच्चों को हल्द्वानी के निजी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नए सत्र में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो छात्रसंघ और अभिभावक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वही ओखलकांडा की खंडशिक्षा अधिकारी सुलोहिता नेगी ने कहा ओखलकांडा में शिक्षकों की कमी है जैसे ही शिक्षकों के प्रमोशन और कुछ नए शिक्षक आएंगे तो जल्द ही रिक्त पड़े अध्यापकों के पद भरे जाएंगे । बता दें कि कुछ दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने हल्द्वानी और अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जल्द ही प्रदेश में 5000 शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी जिसके बाद अब उम्मीद लगाई जा रही है कि शिक्षकों की कमी से जूझ रहे ओखलकांडा ,रामगढ़ ,धारी ,भीमताल ब्लॉक के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी।