नैनीताल। श्री राम सेवक सभा की ओर से आयोजित 124वें नंदा देवी महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 16 सितंबर को महोत्सव का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। आयोजन को इस बार पहले से अधिक व्यापक और आकर्षक बनाने के लिए श्री राम सेवक सभा, जिला प्रशासन, नगर पालिका और शहर के विभिन्न जागरूक संगठनों के साथ बैठकें कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
श्री राम सेवक सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि अगले वर्ष महोत्सव 125वें वर्ष में प्रवेश करेगा। ऐसे में इस वर्ष के आयोजन को यादगार बनाने के साथ ही जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।मुकेश जोशी ने बताया महोत्सव में कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। वहीं, पिछले वर्षों में आयोजित नहीं हो सके कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस बार जिला प्रशासन के सहयोग से कराए जाएंगे।
महोत्सव स्थल पर दुकानें सजने लगी हैं। पिछले दो वर्षों में मेले को दिए गए नए स्वरूप को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी बाजार और सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि इससे महोत्सव का स्वरूप और भव्य नजर आएगा।
●ताल संरक्षण का भी रहेगा संदेश..
महोत्सव के दौरान नैनीताल झील को स्वच्छ रखने का संदेश भी प्रमुखता से दिया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि ‘ताल है तो नैनीताल है’। झील के अस्तित्व और स्वच्छता से ही शहर का भविष्य जुड़ा है।
नगर पालिका, जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों से भी मेले के दौरान कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और शहर की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की जाएगी।
श्री राम सेवक सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं के निर्माण में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। प्रतिमाओं का निर्माण भी प्राकृतिक सामग्री से किया जाता है, ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण और नैनी झील को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। महोत्सव के माध्यम से आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।



