नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और जांच अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में 235 लोगों की जांच की गई, जबकि 61 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ज्योलिकोट में 82 मरीजों की जांच हुई। उपचार की जरूरत पाए जाने पर चार मरीजों को भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
इसी बीच दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (आईएलबीएस) के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पीएचसी ज्योलिकोट पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम में हेपेटोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र पाल सिंह और क्लीनिकल वायरोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेशु अग्रवाल शामिल रहीं। विशेषज्ञों ने लैब, प्रतिरक्षण कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रहे उपचार और सुविधाओं की जानकारी भी ली।
मरीजों ने विशेषज्ञ टीम को बताया कि उनका उपचार नियमित रूप से चल रहा है और स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं। टीम ने पीएचसी में मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
●विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी संभाली ओपीडी…
पीएचसी ज्योलिकोट में सेंट्रल हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. अनुराग सरकार और डॉ. वैशाली पांडे ने ओपीडी में मरीजों की जांच की। चिकित्सकों ने मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार और आवश्यक परामर्श दिया।
●14416 पर विशेषज्ञ से ले सकते हैं परामर्श..
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने के लिए 14416 टेली-सेवा की सुविधा भी दी जा रही है। इसके माध्यम से लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और काउंसलिंग ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार भ्रमण कर लोगों की जांच, सैंपलिंग, उपचार और दवा वितरण कर रही हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या को गंभीरता से लेने और जरूरत पड़ने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की।







