नैनीताल। ज्योलिकोट और आसपास के जलजनित रोग प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का निगरानी और उपचार अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। स्वास्थ्य टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग की। वहीं सचल स्वास्थ्य वाहन और शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच कर जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित की गईं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रॉयल होटल, सूखाताल, पिटारिया, स्टाफ हाउस, सात नंबर और अयारपाटा क्षेत्र में टीमों ने 235 लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान 150 लोगों के HAV रैपिड टेस्ट किए गए। सचल स्वास्थ्य वाहन एवं स्वास्थ्य शिविरों में कुल 197 लोगों की जांच की गई और 30 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। एक व्यक्ति को टेलीमेडिसिन के जरिये चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 61 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने स्थिति के अनुसार पांच मरीजों को भर्ती किया। इसके अलावा भल्यूटी, गांजा, सरियाताल और ज्योलिकोट में स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों की जांच की और जलजनित बीमारियों के लक्षण तथा उनसे बचाव के तरीके बताए।सचल स्वास्थ्य वाहन शुक्रवार को सूफी और गैठिया पहुंचा। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ जरूरत के मुताबिक दवाएं बांटी गईं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मार्तोलिया ने दोनों क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को साफ पेयजल के इस्तेमाल, व्यक्तिगत स्वच्छता और बीमारी के लक्षण नजर आने पर समय से उपचार लेने की जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे बात कर स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसलिंग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त, बुखार, कमजोरी अथवा अन्य बीमारी के लक्षण होने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग कर रही हैं।







