नैनीताल। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति के रूप में कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रो. (कर्नल) सतपाल सिंह बिष्ट ने मंगलवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया। राजभवन की ओर से उनकी नियुक्ति का आदेश तीन सितंबर को जारी किया गया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और शोध गतिविधियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों के साथ बैठक की।कुलपति ने डीन, निदेशकों और प्रशासनिक अधिकारियों से विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति, विद्यार्थियों से जुड़ी व्यवस्थाओं, शोध एवं नवाचार गतिविधियों तथा प्राथमिक आवश्यकताओं पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण किया। पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, शोध सामग्री, ई-संसाधनों और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अकादमिक और शोध गतिविधियों को मजबूत करने के लिए पुस्तकालय के संसाधनों को लगातार बेहतर बनाने पर जोर दिया।
●रोजगारपरक शिक्षा को मिलेगी प्राथमिकता…
प्रो. बिष्ट ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ कौशल, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमिता और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। विश्वविद्यालय में कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने उत्तराखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप पर्यटन, आतिथ्य, कृषि एवं उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को शिक्षा से जोड़ने की संभावनाओं पर काम करने की बात कही।
कुलपति ने कहा कि उत्तराखंड और हिमालय से जुड़े विषयों पर शोध को विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाएगा। पर्वतीय पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, जैव विविधता, जल संसाधन, स्वास्थ्य, कृषि, पर्वतीय आजीविका और सतत विकास जैसे विषयों पर अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योगों, शोध संस्थानों और अन्य विश्वविद्यालयों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
प्रो. बिष्ट ने विश्वविद्यालय की मेरु परियोजनाओं और पटवाड़ानगर परिसर के विकास को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहकर आधुनिक शिक्षण, शोध, नवाचार और उद्यमिता की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस, प्रशासनिक दक्षता, मानव संसाधन के सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। नैक और एनआईआरएफ सहित विभिन्न गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
●विद्यार्थियों को बताया विकास का केंद्र..
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की विकास यात्रा में विद्यार्थी केंद्र में रहेंगे। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शोध अवसर, कौशल विकास और भविष्य में रोजगार व उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रो. बिष्ट ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय का नेतृत्व उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट पूर्व में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग में प्रोफेसर रह चुके हैं। इससे पहले वह सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इस दौरान कुलसचिव प्रो. रजनीश पांडेय समेत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी और छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।

