प्रो. ललित तिवारी बने शिक्षा संकायाध्यक्ष.. शोध और पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल।कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी को शिक्षा शास्त्र संकाय का संकायाध्यक्ष (डीन एजुकेशन) नियुक्त किया गया है। कुलपति के अनुमोदन के बाद कुलसचिव ने नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं।प्रो. तिवारी विश्वविद्यालय में निदेशक शोध, निदेशक विजिटिंग प्रोफेसर, विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी), इग्नू कार्यक्रम समन्वयक, एनएसएस समन्वयक, उप परीक्षा नियंत्रक, आईपीआर समन्वयक और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। वह पिछले 16 वर्षों से प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

●शोध और अकादमिक क्षेत्र में सक्रिय..

प्रो. तिवारी के 213 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 15 पुस्तकों का लेखन, चार पुस्तकों का संपादन और 30 पुस्तक अध्यायों का लेखन किया है। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित 10 पत्रिकाओं का संपादन, 100 से अधिक लोकप्रिय लेखों का प्रकाशन और 60 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान उनके अकादमिक कार्यों में शामिल हैं।
उनके निर्देशन एवं सह-निर्देशन में 50 शोधार्थी पीएचडी और दो शोधार्थी एमफिल की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। जैव विविधता, हिमालयी पर्यावरण और औषधीय पौधों पर उनका शोध कार्य केंद्रित रहा है। वह रॉयल सोसाइटी ऑफ बायोलॉजी, लंदन, लिनियन सोसाइटी, लंदन और इंडियन बॉटनिकल सोसाइटी के फेलो हैं।

●कई सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित..

शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रो. तिवारी को उत्तराखंड रत्न, टीचर ऑफ द ईयर, बेस्ट डायरेक्टर, डॉ. बीआर जैदी अवार्ड और देवभूमि उत्कृष्टता पुरस्कार सहित विभिन्न सम्मानों से नवाजा जा चुका है। राष्ट्रीय सेवा योजना में योगदान के लिए उन्हें दो बार राज्यपाल के हाथों प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है।पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। वह अब तक 50 हजार पौधे लगाने में योगदान दे चुके हैं और 20 बार रक्तदान कर चुके हैं। शिक्षा संकायाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।