नैनीताल। हल्द्वानी बनभूलपुरा स्थित रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। आदेश के अनुपालन को लेकर प्रशासन ने ‘एक्शन प्लान’ तैयार कर लिया है और सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हल्द्वानी-बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे और राज्य सरकार की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण बताया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस भूमि को मुक्त कराकर रेलवे विस्तार कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि सरकारी जमीन का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप हो सके।
समन्वय बैठक में कड़े निर्देश
ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी नैनीताल ने प्रशासन, रेलवे, नगर निगम, जिला विकास प्राधिकरण और ग्राम्य विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का शत-प्रतिशत और समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए।डीएम ने निर्देश दिए कि आदेश की प्रति मिलते ही विभाग आपसी तालमेल से जिम्मेदारियां तय करें और तय समयसीमा में कार्रवाई पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले सर्वे, फिर आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई से पहले क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों का सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर विस्थापन और पुनर्वास की रूपरेखा तय की जाएगी।
पात्र परिवारों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 19 मार्च, ईद के बाद विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि योग्य लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सके।
नजरें अगली कार्रवाई पर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने जमीन खाली कराने की तैयारी तेज कर दी है। अब पूरे मामले में आगामी सर्वे, पुनर्वास प्रक्रिया और संभावित कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
बनभूलपुरा में आने वाले दिनों में प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।







