नैनीताल। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी ने नैनीताल नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी पूर्व पालिकाध्यक्ष व छात्रसंघ* अध्यक्ष सचिन नेगी को सौंप दी है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने यह नियुक्ति करते हुए संगठन में नए चेहरों को आगे लाने और निष्क्रिय पदाधिकारियों को किनारे करने के संकेत दिए हैं। इससे पहले नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी अनुपम कबड़वाल के पास थी, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
सचिन नेगी को मिली इस जिम्मेदारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि नगर पालिका चुनाव में नेगी ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए पार्टी की वापसी में अहम योगदान दिया था।
●कई चुनौतियां भी सामने..
हालांकि, नई जिम्मेदारी के साथ सचिन नेगी के सामने कई चुनौतियां भी खड़ी हैं। बीते कुछ वर्षों में नैनीताल में कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती नाराज कार्यकर्ताओं को फिर से पार्टी से जोड़ना होगी।
इसके अलावा, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और युवाओं को सक्रिय करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। पार्टी नेताओं का मानना है कि सचिन नेगी के पास युवाओं की मजबूत टीम है, जो चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।
●2027 चुनाव होगी असली परीक्षा..
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सचिन नेगी की असली परीक्षा 2027 के विधानसभा चुनाव में होगी। पार्टी के जनाधार को मजबूत करना और जनता का विश्वास हासिल करना उनके सामने सबसे बड़ा लक्ष्य रहेगा। यदि वे संगठन को एकजुट करने में सफल होते हैं, तो कांग्रेस को नैनीताल में बड़ा फायदा मिल सकता है।



