नैनीताल।
नैनीताल के समस्त टैक्सी कारोबारियों द्वारा गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सभा का आयोजन किया गया, जिसमें तल्लीताल और मल्लीताल टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में टैक्सी चालक एवं संचालक शामिल हुए। सभा में टैक्सी व्यवसाय से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया।नगरपालिका द्वारा नैनीताल नगर के स्थायी टैक्सी कारोबारियों के लिए लेक ब्रिज पास जारी नहीं किए जाने पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्थानीय स्थायी निवासियों को उनके ही शहर में संचालन के लिए आवश्यक सुविधा नहीं मिल रही।पिछले कई दिनों से माल रोड एवं नैनीताल के आसपास आरटीओ और पुलिस द्वारा लगातार चालान किए जाने से टैक्सी कारोबारी आर्थिक संकट में आ गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि वे स्वेच्छा से अपने वाहन संचालन बंद करने को मजबूर हो रहे हैं।
सभा में उपस्थित टैक्सी यूनियनों ने कहा कि नैनीताल के स्थायी निवासी वर्षों से टैक्सी व्यवसाय के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्थाओं के चलते उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक नीतियां स्थानीय कारोबारियों को पलायन के लिए मजबूर कर रही हैं।
व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया कि जहां बाहरी राज्यों की टैक्सी गाड़ियां नैनीताल में आसानी से संचालित हो रही हैं, वहीं स्थानीय टैक्सी संचालकों को प्रतिबंधों और पास व्यवस्था से जूझना पड़ रहा है।
यूनियनों ने बताया कि इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में भी अपील दायर की गई है, जिसमें नगरपालिका द्वारा स्थानीय टैक्सी कारोबारियों के साथ हो रहे भेदभाव को चुनौती दी गई है।
टैक्सी यूनियनों ने सरकार, प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि स्थानीय टैक्सी कारोबारियों के लिए ऐसी ठोस एवं व्यवहारिक योजना बनाई जाए, जिससे उनका रोजगार सुरक्षित रह सके और वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय जारी रख सकें।
सभा में सभी सदस्यों ने एक स्वर में स्थानीय टैक्सी व्यवसाय को बचाने और स्थायी निवासियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।सभा में मल्लीताल टैक्सी यूनियन से अध्यक्ष दीपक मटियाली, सचिव दीवान रौतेला, राहुल साह, पुनीत साह तथा तल्लीताल टैक्सी यूनियन से संरक्षक प्रवीण बिष्ट, अध्यक्ष रमेश जोशी, सचिव गोविंद पवार, पूर्व अध्यक्ष पंकज तिवारी, ललित जोशी समेत अनेक सदस्य मौजूद रहे।







