देवीधुरा (चम्पावत)। विश्व प्रसिद्ध मां बाराही धाम देवीधुरा के विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे नगर पंचायत घोषित करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय से क्षेत्र में धार्मिक, पर्यटन, आध्यात्मिक, साहसिक एवं ईको टूरिज्म को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।
अल्मोड़ा, नैनीताल और चम्पावत जिलों की सीमा पर स्थित इस पावन धाम की पहचान प्राचीन परंपरा ‘बग्वाल’ और आस्था के केंद्र के रूप में विश्वभर में है। लंबे समय से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा देवीधुरा को सुव्यवस्थित विकास की दिशा में नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग की जा रही थी।
इसी क्रम में यहां धार्मिक आयोजनों और कथाओं का सिलसिला भी लगातार बढ़ा है। श्री बाराही मंदिर ट्रस्ट की पहल पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में देशभर के विद्वान संत-महात्माओं की उपस्थिति रही है, जिससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान और मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो स्वयं मां बाराही के अनन्य उपासक माने जाते हैं, पिछले कई वर्षों से बग्वाल मेले में भी नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। उनकी परिकल्पना है कि देवीधुरा आने वाले समय में देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का प्रमुख केंद्र बने।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाओं के साथ आधारभूत ढांचे को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
इस निर्णय पर श्री बाराही मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, संस्थापक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह लमगडिया, पूर्व सेतु आयोग उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, ट्रस्टी नरेंद्र सिंह लड़वाल, दिनेश जोशी, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र पांडे, जिला महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट विनोद गड़कोटी, हयात बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, आचार्य कीर्ति शास्त्री, विशन चम्याल, राजेश बिष्ट, चंदन बिष्ट, ईश्वर सिंह बिष्ट सहित चार खाम, सात थोक के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।







