कुमाऊं विश्वविद्यालय के ‘मेरु’ सपने को मिली उड़ान.. पटवाडांगर में बनेगा शिक्षा और शोध का नया हब… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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  1. नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब भारत सरकार की पीएम ऊषा मेरू योजना के अंतर्गत पटवाडांगर में प्रस्तावित नवीन मेरु परिसर का शिलान्यास प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत द्वारा किया गया। भूमि पूजन के साथ दो अत्याधुनिक अकादमिक ब्लॉकों के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ हुआ।
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    उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि यह परिसर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, आयुष, जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाला संस्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि हिमालयी औषधीय पौधों एवं वेलनेस लाइफस्टाइल पर प्रस्तावित शोध कार्य स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक शोध के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
    उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय केवल डिग्री बांटने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बहुविषयी शिक्षा, नवाचार और स्वरोजगार के उन्नत केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। इस अवसर पर मंत्री ने परिसर में स्थापित पटवा पौध उद्यान का भी लोकार्पण किया।
    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक सरिता आर्या ने कहा कि मेरु परिसर क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, शोध और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को भूमि उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार का आभार जताया।
    पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए पटवाडांगर परिसर की स्थापना को विश्वविद्यालय विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
    विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) के तहत देशभर के 26 विश्वविद्यालयों को 100-100 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है, जिसमें विशेष प्रयासों से कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी यह अनुदान प्राप्त हुआ है।
    उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत नैनीताल एवं भीमताल परिसर में लॉ कॉलेज, बीएड कॉलेज, फार्मेसी ब्लॉक, गणित विभाग, योग विभाग, फाइन आर्ट्स, वन विभाग तथा संगीत विभाग के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विश्वविद्यालय में भूमि की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने पटवाडांगर में 26.4 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है।
    प्रथम चरण में दो अकादमिक ब्लॉकों के निर्माण हेतु 2623.36 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसके सापेक्ष 888.89 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए 40-40 क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
    पटवाडांगर परिसर में सेंटर फॉर एडवांस कम्प्यूटिंग, सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स एंड वेलनेस लाइफस्टाइल, फैकल्टी ऑफ बायोमेडिकल साइंसेज एंड नैनोटेक्नोलॉजी तथा केंद्रीय उपकरण सुविधा केंद्र जैसे चार उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
    कार्यक्रम में कुलपति द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विश्वविद्यालय कर्मचारियों, छात्रों एवं उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सदस्यों की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दिव्या उपाध्याय ने किया।