पिथौरागढ़। तहसील मुनस्यारी के लीलम से बुई लेंगा को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित मोटर पुल आठ वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। पुल निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम नजदीक आते ही ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है और उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि मानसून से पहले पुल तैयार नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के अभाव में आज भी बीमार, बुजुर्ग और आपातकालीन स्थिति वाले लोगों को डोली के सहारे मुख्य मोटर मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। स्कूली छात्र-छात्राओं, किसानों और स्थानीय निवासियों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई में अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार पुल निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन, पीएमजीएसवाई विभाग धारचूला तथा जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से मांग की जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं लाई गई। इससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
जिला पंचायत सदस्य मदकोट भावना दानु तथा जिला अध्यक्ष यूथ कांग्रेस विक्रम दानु ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले यदि पुल का निर्माण पूरा कर यातायात सुचारू नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता को साथ लेकर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
बुई के सरपंच बहादुर बगड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण विश्वकर्मा, दीपक सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों से जनहित में पुल निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और विकास की रफ्तार को भी बल मिलेगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
लीलम–बुई लेंगा मोटर पुल का निर्माण कार्य तत्काल पूरा किया जाए।
बरसात से पहले पुल पर आवागमन शुरू कराया जाए।निर्माण कार्य में हो रही देरी की जिम्मेदारी तय की जाए।क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुए परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अब आश्वासनों का नहीं, बल्कि पुल के शीघ्र निर्माण का समय है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।





