नैनीताल, 16 जुलाई। आज कर्क संक्रांति के पावन अवसर पर भगवान सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसी के साथ दक्षिणायन का शुभारंभ तथा सौर मान के अनुसार श्रावण मास की शुरुआत हो रही है। आज से श्रावण मास की पहली गते (एक गते) भी प्रारंभ हो गई है।वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य वर्ष भर में बारह राशियों में क्रमशः प्रवेश करते हैं और प्रत्येक राशि में लगभग एक माह तक विराजमान रहते हैं। कर्क संक्रांति से प्रारंभ होने वाला दक्षिणायन छह राशियों—कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और धनु—तक चलता है। इसके बाद सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तरायण आरंभ होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिणायन के दौरान दिन छोटे और रात्रियां लंबी होने लगती हैं। यह काल साधना, तप, आध्यात्मिक चिंतन और आत्मिक उन्नति के लिए विशेष महत्व रखता है।इसी शुभ अवसर पर कुमाऊँ अंचल का लोकपर्व ‘हरेला’ भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हरेला प्रकृति, हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और कृषि संस्कृति का प्रतीक पर्व है। इस दिन लोग हरेला पूजन कर अपने परिवार के सदस्यों को हरेला अर्पित करते हैं तथा सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी फसल की कामना करते हैं। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया जाता है।कर्क संक्रांति, दक्षिणायन और हरेला पर्व का यह शुभ संयोग भारतीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और सनातन परंपराओं के महत्व को और अधिक प्रगाढ़ करता है।आप सभी को कर्क संक्रांति, दक्षिणायन के शुभारंभ तथा प्रकृति पर्व हरेला की हार्दिक शुभकामनाएँ।







