नैनीताल नगर पालिका बोर्ड बैठक में हंगामा: टेंडर और कार्यप्रणाली को लेकर सभासदों का विरोध, ईओ बोले- आरोपों से आहत अधिकारी… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। नैनीताल के पालिका सभागार में आयोजित हुई नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। टेंडर प्रक्रिया और पालिका की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट सभासदों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए, जबकि अधिशासी अधिकारी (ईओ) और अन्य अधिकारियों ने लगातार हो रहे आरोप-प्रत्यारोप पर नाराजगी जताते हुए बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

विरोध कर रहे सभासदों का आरोप था कि बोर्ड बैठक में उनके सवालों के जवाब नहीं दिए गए। उनका कहना था कि पार्किंग और टोल टेंडर की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। सभासदों ने आरोप लगाया कि पहले टोल टेंडर निरस्त कर बाद में बिना बोर्ड की अनुमति और प्रस्ताव के 21 माह के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे किसी विशेष व्यक्ति या फर्म को लाभ पहुंचाने की आशंका है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे राज्य सरकार और उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

सभासदों ने दावा किया कि बोर्ड के नौ सदस्य उनके साथ हैं और बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी तथा पालिका अध्यक्ष उनके सवालों का जवाब दिए बिना चले गए। ईओ द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। यदि वे स्वयं दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
वही मामले में अधिशासी अधिकारी रोहिताश्व शर्मा ने बताया कि 7 जुलाई को प्रस्तावित बैठक अध्यक्ष की अनुपलब्धता के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। बाद में टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई गई और लिखित निर्देश मिलने के बाद वित्तीय बोली पर हस्ताक्षर किए गए। उनके अनुसार इसी मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा किया गया।
ईओ रोहिताश शर्मा ने कहा कि बोर्ड बैठक के दौरान एजेंडे से हटकर लगातार सवाल-जवाब और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप होते रहे, जिससे बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई।

बैठक के बाद अधिकारियों ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लगातार व्यक्तिगत आरोप लगाए जाने और अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने से कार्य करना असम्भव हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले भी कई अधिकारी यहां से स्थानांतरण की मांग कर चुके हैं और अब फिर संयुक्त रूप से इस संबंध में शासन को पत्र दिया जा रहा है।
ईओ रोहिताश शर्मा ने कहा कि नगर पालिका अधिनियम, 1916 के अनुसार बोर्ड बैठक का संचालन और सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देने की जिम्मेदारी अध्यक्ष की होती है। अधिशासी अधिकारी अथवा अन्य कर्मचारी इस संबंध में अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए जाने की आवश्यकता है।